Vote Theft Row: राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले शरद पवार ने शनिवार को एक ऐसा बयान दिया जिससे राजनीतिक भूचाल आने की संभावना है। राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो व्यक्तियों ने नई दिल्ली में उनसे मुलाकात की और 288 में से 160 निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्ष की जीत की 'गारंटी' दी थी। इसके बाद उन्होंने उन व्यक्तियों की राहुल गांधी से मुलाकात कराई थी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (बाएं) और राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार (दाएं) (फोटो साभार: @Devendra_Office/@PawarSpeaks)
पवार ने किया चौंकाने वाला दावा
नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि उन्होंने दोनों व्यक्तियों को विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलवाया। शरद पवार ने यह खुलासा ऐसे समय में किया है, जब राहुल गांधी ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया, ''महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले नयी दिल्ली में दो लोग मुझसे मिले थे। उन्होंने विपक्ष (महा विकास आघाडी) को 288 में से 160 सीटें जीतने में मदद की गारंटी दी।''
शरद पवार ने कहा, ''मैंने उन्हें राहुल गांधी से मिलवाया। उन्होंने (गांधी) उन दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे नजरअंदाज कर दिया। उनका यह भी मानना था कि हमें (विपक्ष को) ऐसे मामलों में नहीं पड़ना चाहिए और सीधे जनता के पास जाना चाहिए।'' पवार ने दावा किया कि चूंकि दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे उन्होंने बहुत तवज्जो नहीं दी, इसलिये उन्होंने उनका नाम और संपर्क ब्योरा नहीं रखा।
देंवेंद्र फडणवीस ने पवार को घेरा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पहली बात तो मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि राहुल गांधी से मिलने के बाद ही पवार साहब को इस बात की याद क्यों आई... इतने दिनों तक वह बोले नहीं और आज वह बोले... राहुल गांधी जिस प्रकार से जावेद सलीम की कहानी की तरह हर दिन कपोल कल्पित कहानी बोल रहे हैं, उसी प्रकार की अवस्था पवार साहब की तो नहीं हो गई...
फडणवीस ने कहा कि पवार साहब ने इतने दिनों तक इस विषय पर क्यों कुछ नहीं बोला... राहुल गांधी ईवीएम पर बोलते थे, लेकिन पवार साहब नहीं... उन्होंने कहा था कि ईवीएम को दोस देना गलत है। मुझे लगता है जिस प्रकार से पवार साहब ने बयान दिया है, वह राहुल गांधी के साथ हुई मुलाकात का परिणाम नजर आ रहा है।
सनद रहे कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने क्रमशः 57 और 41 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। विपक्षी गठबबंधन ‘महा विकास आघाडी’ ने अपनी हार के लिये ईवीएम में विसंगतियों और डेटा में छेड़छाड़ को जिम्मेदार ठहराया था। महा विकास आघाडी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 48 में से 30 लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी।
