UCC Draft: उत्तराखंड में आज समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा (Draft) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दिया गया। समिति की अगुवाई करने वाले सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई और इस समिति में शामिल सदस्यों ने सुबह 11 बजे सीएम धामी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की और फिर मसौदे को उन्हें सौंप दिया।
छह फरवरी को विधेयक के रूप में पेश हो सकता है ड्राफ्ट।
6 फरवरी को पेश हो सकता है UCC विधेयक
खास बात यह है कि यूसीसी पर विधेयक पारित करने के लिए उत्तराखंड विधानसभा का चार दिनों का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। यह सत्र पांच से आठ फरवरी तक चलेगा। यूसीसी ड्राफ्ट प्राप्त होने के बाद इसे मंजूरी के लिए शनिवार को कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। इस मसौदे को विधेयक के रूप में छह फरवरी को विधानसभा में पेश किया जा सकता है। विधानसभा ये यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो आजादी के बाद यूसीसी को स्वीकार करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा।
संकल्प पूरा हुआ-धामी
यूसीसी मसौदा मिलने बाद सीएम धामी ने कहा कि उनका संकल्प पूरा हुआ है। यह ड्राफ्ट विधानसभा के विशेष सत्र में रखा जाएगाी। मसौदा मिलने के बाद काम अब आगे बढ़ेगा। यूसीसी ड्राफ्ट के लिए सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।
सीएम धामी ने कहा...
इस मौके पर सीएम धामी ने कहा, '2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान हमने राज्य में यूसीसी लागू करने का वादा किया था। इसके लिए हमने विशेषज्ञों की एक समिति बनाई और इसे लागू करने का संकल्प जताया। पांच सदस्यों वाली मसौदा समिति ने यूसीसी पर ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके बाद दो उप-समितियां भी बनाई गईं।'
2.33 लाख लिखित सुझाव मिले
सेवानिवृत्त न्यायाधीश देसाई के अलावा यूसीसी विशेषज्ञ समिति में रिटायर्ड न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह और दून विश्वविद्यालय की उप कुलपति सुरेखा डंगवाल भी शामिल हैं। इस समिति को कुल चार विस्तार भी दिए गए जिसमें से अंतिम बार इसे जनवरी में 15 दिनों के लिए दिया गया। समिति को अपने करीब दो साल के कार्यकाल के दौरान 2.33 लाख लिखित सुझाव मिले।
