कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की लोकसभा की सदस्यता रद्द हो चुकी है। कांग्रेस (Congress) इस मामले पर सीधे-सीधे मोदी सरकार को घेर रही है। रविवार को कांग्रेस ने इसके विरोध में सत्याग्रह भी किया है और आगे के दिनों के लिए जनआंदोलन की तैयारी कर रही है। इसी मामले को लेकर टाइम्स नाउ ने जब देश के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ये सब राहुल गांधी की आवाज को चुप कराने के लिए किया गया है।
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम
बहस की मांग
टाइम्स नेटवर्क के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पी चिदंबरम ने कहा कि हम संसद में बहस की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। यह कार्यवाही साफ दर्शा रही है कि विपक्ष की एक प्रमुख आवाज को चुप कराने के लिए राहुल गांधी को अयोग्य ठहराया गया है। आगे कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी ने भी ओबीसी समुदाय के अपमान की बात नहीं की है। हमें एक राजनीतिक मुद्दा सौंपा गया है और हम इससे राजनीतिक रूप से निपटेंगे। आज संविधान के तहत एक स्वतंत्र और बेरोकटोक बहस के लिए बनाया गया एकमात्र मंच- संसद- को दमित किया जा रहा है।
Rahul never defamed the country; rather, it was the honorable PM who has gone out of the country and said people in… t.co/ojeIicNcDj
— ANI (@ANI) Mar 26, 2023
राहुल ने अपमान नहीं किया
इस इंटरव्यू के दौरान पी चिदंबरम ने कहा कि इमरजेंसी को छोड़कर भारत में पहली बार हनल निरंकुशता के दौर से गुजर रहे हैं। राहुल गांधी ने देश को बदनाम नहीं किया है, बल्कि कई मौकों पर पीएम मोदी ने भारत का अपमान किया है।
लालू यादव और राहुल का मामला एक समान नहीं
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि लालू यादव और राहुल गांधी का मामला एक जैसा नहीं है। यहां समान कानून लागू नहीं होते हैं। मुकदमे के बाद लालू को दोषी ठहराया गया था। राहुल का मामला कथित मानहानिकारक बयान का है।
