Ex-IAS Divya Mittal- उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक सेवा (IAS) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक रणनीति का खुलासा कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि उनकी नवगठित पार्टी 'जन नीति भारत' आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना के साथ उतरेगी। शनिवार को मिर्जापुर के चुनार में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की भावी योजनाओं और राजनीतिक एजेंडे पर खुलकर बात की।
दिव्या मित्तल की पार्टी का सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का मंसूबा (Instagram)
चुनार में जनता के बीच किया ऐलान
इंडिया टुडे के मुताबिक, मिर्जापुर के ऐतिहासिक चुनार दौरे पर पहुंचीं पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक महत्व वाले चुनार के बालूघाट का दौरा किया और महाराज गुहराज निषाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
लोगों को संबोधित करते हुए दिव्या मित्तल ने भगवान राम और निषादराज के प्रसंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान राम ने निषादराज को गले लगाकर भाई माना था, उसी तरह समाज से सभी प्रकार के भेदभाव को मिटाकर हर नागरिक को समानता और सम्मान दिलाना उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पार्टी को मजबूत और योग्य उम्मीदवार मिलेंगे, वहां से पार्टी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी और जरूरत पड़ने पर सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा।
जन नीति भारत पार्टी का राजनीतिक विजन
2013 बैच की आईएएस अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने अपने करीब 13 साल के प्रशासनिक करियर के बाद 30 अगस्त को आईएएस सेवा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, अक्टूबर 2026 के मध्य में उन्होंने 'जन नीति भारत' नाम से अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन का आधिकारिक ऐलान किया था। पार्टी का मुख्य नारा है— "अभी राजनीति आप पर शासन करती है, लेकिन 'जन नीति' में जन-जन का राज होगा।" उनका मुख्य जोर व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने और जमीनी स्तर पर मजबूत नेतृत्व खड़ा करने पर है।
प्रशासनिक पृष्ठभूमि और चुनावी चर्चा
दिव्य मित्तल अपने सख्त और जन-हितैषी प्रशासनिक कार्यों के लिए जानी जाती रही हैं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं, जिनमें मिर्जापुर, देवरिया और संत कबीर नगर की जिला मजिस्ट्रेट के रूप में उनकी भूमिका प्रमुख रही है। मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान कई विकास कार्य चर्चा का विषय रहे थे, जिसके चलते राजनीतिक गलियारों में उनके इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक पूर्व महिला आईएएस अधिकारी द्वारा नई पार्टी बनाकर सभी सीटों पर ताल ठोकने से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समीकरण और अधिक दिलचस्प हो गए हैं।
