प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आधारशिला रखे जाने के तीन साल बाद, अयोध्या के राम मंदिर के अभिषेक समारोह की तारीख 22 जनवरी, 2024 निर्धारित की गई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 7,000 से अधिक लोगों को निमंत्रण भेजा है, जिसमें लगभग 3,000 वीवीआईपी, देश के विभिन्न हिस्सों से 4,000 साधु-संत, 50 देशों के प्रतिनिधि और राम मंदिर का हिस्सा रहे 'कार सेवकों' के परिवार के सदस्य शामिल हैं। उद्घाटन की तैयारियों को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि 22 जनवरी को माहौल राममय बनाना है।
22 जनवरी को राम मंदिर का होगा उद्घाटन
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क्या बोले चंपत राय
चंपत राय ने कहा कि 22 जनवरी उतना ही इम्पोर्टेन्ट दिन है , जितना कि 15 अगस्त 1947 और कारगिल विजय दिवस। 23 जनवरी से सब रामलला का दर्शन कर सकेंगे। हर गांव और मोहल्ले को 22 जनवरी को राममय बनाना है। चंपत राय ने कहा- "22 जनवरी को आप जिस गांव , मोहल्ले में आप रहते हो, वहां सुबह ही पूजा करो और प्रसाद बांटो , और शाम को अपने घरो में दीपक जलाओ।"
विपक्ष के न्योते पर क्या बोले
विपक्ष के लोगो को बुलाये जाने पर चंपत राय ने कहा कि 23 जनवरी लोगों को खुद पता चल जायेगा, हमने बहुत विस्तार पूर्वक सूची बनाई है। चंपत राय ने तैयारियों पर कहा- ''संतोष की अनुभूति हो रही है। अयोध्या के लोग, पड़ोस की छोटी-छोटी रियासतें, पुजारी, शिक्षक और सभी लोग 1983 के बाद पूरे भारत के संत इससे जुड़ने लगे। जो विषय केवल अयोध्या तक ही सीमित था, वह पूरे देश के सम्मान का विषय बन गया..."
कई उत्सवों की योजना
भगवान राम की मूर्ति 22 जनवरी को भव्य समारोह में राम मंदिर के अंदर स्थापित की जाएगी, उस दिन कई उत्सवों की योजना बनाई गई है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ।
