Panna Tiger Reserve: पन्ना टाइगर रिजर्व की पहचान बन चुकी बुजुर्ग हथनी वत्सला का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वत्सला की उम्र 100 वर्ष से भी ज्यादा थी। वह लंबे समय से बीमार चल रही थी और हिनौता परिक्षेत्र में उसने अंतिम सांस ली। खबर की जानकारी जैसे ही लोगों को लगी अपना टाइगर रिजर्व सहित प्रगति प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई।
पन्ना टाइगर रिजर्व की शान वत्सला ने अंतिम सांस ली (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)
वत्सला सिर्फ एक हथनी नहीं, बल्कि पन्ना के वन्यजीव प्रेमियों और टाइगर रिजर्व के स्टाफ के लिए परिवार का हिस्सा बन चुकी थी। दशकों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही वत्सला अपने शांत स्वभाव और विशाल कद-काठी के कारण सभी की प्रिय थी। हालांकि उसकी उम्र को लेकर कई बार प्रयास हुए कि उसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाए, लेकिन औपचारिक दस्तावेजों के अभाव में यह संभव नहीं हो सका। फिर भी वत्सला ने प्रकृति प्रेमियों के दिलों में जो जगह बनाई, वह किसी रिकॉर्ड से कहीं बढ़कर है। वत्सला के बारे में यह कहा जाता है कि वह दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी थी।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वत्सला की मृत्यु स्वाभाविक कारणों से हुई है। बीते कुछ महीनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी, और वन चिकित्सकों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही थी। वत्सला के जाने से पन्ना टाइगर रिजर्व ने न केवल एक हथनी, बल्कि अपने इतिहास का एक अहम हिस्सा खो दिया है।
