प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विपक्ष के लोगों ने उन्हें गालियां देने के चक्कर में सारी डिक्शनरियां खपा दीं। उनके पास गालियों के सिवाय कुछ नहीं बचा है। मैं 20-22 साल से तरह-तरह की गालियां खाता आ रहा हूं। ये गालियां मेरे भीतर पोषक तत्वों (न्यूट्रीशियन) के रूप में बदल जाती हैं और फिर जनता की सेवा में काम आती हैं।
जन सभा के दौरान अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
बकौल पीएम, "देखिए, कुछ लोग निराशा, हताशा, भय और अंधविश्वास के कारण सुबह-शाम मोदी (मुझे) को गालियां देते रहते हैं। वे भांति-भांति की गालियां देते हैं। सारी डिक्शनरी मोदी को गालियां देने को खपा दी हैं। मेरी आपसे प्रार्थना है कि ऐसी बातों से आप परेशान मत होना। उनके पास गालियों के सिवाय कुछ बचा नहीं है। आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। मैं तो पिछले 20-22 साल से बड़ी वैरायटी की गालियां खा चुका हूं। मेहरबानी कर के इससे जरा भी परेशान न हों। शाम को उन गालियों को चाय पर हंसी-मजाक कीजिए और दूसरे दिन कमल खिलने वाला है, इस खुशी में आगे बढ़िए। अरे, सीना चौड़ा कर के चलिए दोस्तों।"
देखें, गालियों को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?:
कुछ लोग निराशा और हताशा के कारण, सुबह-शाम मोदी को गालियां देते रहते हैं।लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है।… t.co/HIazyYBwg0
— ANI (@ANI) Nov 12, 2022
दरअसल, शनिवार (12 नवंबर, 2022) को तेलंगाना में आरएफसीएल (रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड) प्लांट की शुरुआत करने पहुंचे पीएम ने जन सभा के दौरान लोगों से अनुरोध करते हुए कहा- मैं दिल्ली में कल सुबह था। फिलहाल तेलंगाना में हूं। ऐसे में कई लोगों का मुझसे सवाल रहता है कि मुझमें इतनी ऊर्जा कहां से आ जाती है? दरअसल, ईश्वर ने मेरे भीतर कुछ ऐसी रचना की है कि जिससे सारी की सारी गालियां अंदर जाकर न्यूट्रीशियन में तब्दील हो जाती हैं। वे पॉजिटिव एनर्जी का रूप ले लेती हैं और जनसेवा में काम आती हैं।
रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने दावा किया- दिन-रात जो लोग मुझे गालियां देने में लगे रहते हैं, उनसे सिर्फ यही कहना चाहता हूं कि आप लोग जितना भी कोसिए और गालियां दीजिए...मैं सब पचा जाऊंगा। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गालियों से कोई असर नहीं पड़ता है। हालांकि, अगर आप लोगों ने तेलंगानावासियों को गाली दी, तब लेने के देने पड़ जाएंगे।
