SIR: चुनाव आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने में जुटे बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) और सुपरवाइज़र्स को राहत देते हुए उनके मानदेय को बढ़ाने का फैसला किया है। आयोग की नई अधिसूचना के मुताबिक, बीएलओ का वार्षिक भुगतान अब 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं सुपरवाइजर्स का मानदेय 12,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है।
चुनाव आयोग ने BLO अधिकारियों के वेतन में बढ़ोतरी की।(फोटो सोर्स: istock)
किसकी कितनी बढ़ी सैलरी?
- बीएलओ का वार्षिक मानदेय 12,000 रुपये
- सूची संशोधन के लिए प्रोत्साहन राशि 2,000 रुपये
- बीएलओ सुपरवाइज़र का मानदेय 18,000 रुपये
- AERO को 25,000 रुपये और ERO को 30,000 रुपये का मानदेय पहली बार तय
- बिहार में SIR अभियान के लिए BLOs को 6,000 रुपये की विशेष राशि
चुनाव आयोग ने BLO अधिकारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की।(फोटो सोर्स: EC)
SIR क्या है?
SIIR एक इंटेंसिव वेरिफिकेशन सिस्टम है, जिसमें संदिग्ध रूप से दर्ज हुए मतदाताओं, दोहरी प्रविष्टियों, या फर्जी एड्रेस के मामलों की जमीनी जांच होती है। इसमें टीमें घर-घर जाकर यह सत्यापित करती हैं कि मतदाता वास्तव में उस पते पर रहता भी है या नहीं।
बीएलओ की क्या भूमिका है?
इस पूरी प्रक्रिया में BLO (Booth Level Officer) सबसे अहम किरदार है।बीएलओ ही वह व्यक्ति है जो मतदाता सूची को अपडेट करता है। घर-घर जाकर दस्तावेज़, पते और पहचान की शारीरिक पुष्टि करता हैSIIR जांच में संदिग्ध मतदाताओं को वेरिफाई या रिजेक्ट करने की रिपोर्ट तैयार करता है
यानी, SIIR के लागू होते ही बीएलओ पर काम का बोझ बढ़ना तय है। इसी संदर्भ में हाल में बीएलओ और उनके सुपरवाइज़र्स के मानदेय बढ़ाने का फैसला भी चर्चा में आया।
