पुणे : महाराष्ट्र के पुणे शहर में 67 वर्षीय एक व्यक्ति जीका वायरस से संक्रमित पाया गया, लेकिन अब वह इससे पूरी तरह उबर चुका है और उसमें इस रोग के कोई लक्षण नहीं हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया कि नासिक निवासी इस व्यक्ति को पिछले महीने संक्रमित पाया गया था, लेकिन इसके पहले उसने पड़ोसी राज्य गुजरात के सूरत शहर की यात्रा की थी।
महाराष्ट्र के पुणे में जीका वायरस के मामले
इसमें कहा गया है कि वह गत छह नवंबर को पुणे के बावधान इलाके में आया और बाद में सूरत चला गया। वह 16 नवंबर को बुखार, कफ, जोड़ों में दर्द और थकावट के चलते इलाज के लिए जहांगीर अस्पताल पहुंचा। एक निजी प्रयोगशाला में 18 नवंबर को उसकी जांच कराई गई तो उसके जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
पुणे स्थित राष्ट्रीय वायरोलॉजी संस्थान (एनआईवी) में की गई जांच में भी जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई। बयान में कहा गया कि जांच रिपोर्ट के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने पुणे शहर और बावधान इलाके में गहन सर्वेक्षण किया।
इससे पहले, इस साल जुलाई में मुंबई के पास पालघर जिले में सात साल की एक बच्ची जीका वायरस से संक्रमित पाई गई थी। मलेरिया और डेंगू की तरह जीका वायरस भी एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इस वायरस की सबसे पहले पहचान अफ्रीकी देश युगांडा में 1947 में हुई थी।
