प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए कई नामचीन हस्तियों पर कार्रवाई की है। निदेशालय ने क्रिकेटर युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा, अभिनेत्री उर्वशी रौतेला, सोनू सूद, मिमी चक्रवर्ती, अंकुश हाजरा और नेहा शर्मा से जुड़ी करीब 7.93 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम ,2002 के तहत की गई है।
प्रवर्तन निदेशालय
कई राज्यों की एफआईआर के आधार पर जांच
ईडी ने यह जांच देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। ये एफआईआर अवैध विदेशी ऑनलाइन सट्टेबाज़ी प्लेटफॉर्म 1xBet के ऑपरेटर्स के खिलाफ दर्ज की गई थीं। जांच में सामने आया कि 1xBet और इसके नकली नामों जैसे 1xBat और 1xBat Sporting Lines के जरिए भारत में अवैध ऑनलाइन सट्टा और जुए को बढ़ावा दिया जा रहा था।ईडी का है ये दावा
ईडी का दावा है कि कुछ सेलेब्रिटीज ने जानबूझकर विदेशी कंपनियों से ऑनलाइन सट्टेबाज़ी ऐप के विज्ञापन और प्रमोशन के समझौते किए। इसके बदले उन्हें भुगतान विदेशी माध्यमों से किया गया,ताकि पैसों के असली और अवैध स्रोत को छुपाया जा सके। जांच एजेंसी के अनुसार, यह राशि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित अपराध से प्राप्त धन है।
बिना अनुमति भारत में संचालन
जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि 1xBet भारत में किसी वैध अनुमति के बिना काम कर रहा था। कंपनी ने सोशल मीडिया,ऑनलाइन वीडियो और प्रिंट मीडिया के जरिए भारतीय यूजर्स को निशाना बनाया। विज्ञापन भुगतान को विदेशी लेन-देन के जरिये भेजा गया, ताकि अवैध गतिविधियों से जुड़ाव छिपाया जा सके।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले 6 अक्टूबर 2025 को ED ने इसी मामले में क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना से जुड़ी करीब 11.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं। ईडी ने चेतावनी दी है कि अवैध सट्टेबाजी और जुए के प्लेटफॉर्म देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में इस्तेमाल होते हैं। आम लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन या विज्ञापन की जानकारी तुरंत एजेंसियों को दें। साथ ही,सेलेब्रिटीज और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को भी चेतावनी दी गई है कि अवैध सट्टेबाज़ी या जुए से जुड़े प्लेटफॉर्म का प्रचार करना, चाहे वह नकली या सरोगेट विज्ञापन के जरिए ही क्यों न हो, कानूनन अपराध है और इस पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
