ऑनलाइन रम्मी ऐप के जरिए लोगों को कथित तौर पर ठगने वाले एक बड़े नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की बेंगलुरु जोनल ऑफिस टीम ने Gameskraft Technologies Pvt. Ltd. और उसके डायरेक्टर्स व कर्मचारियों के ठिकानों पर बेंगलुरु और NCR में 7 मई से 13 मई 2026 तक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान ED ने करीब 526.49 करोड़ रुपये की चल संपत्ति फ्रीज कर दी। इनमें बैंक बैलेंस, पेमेंट गेटवे बैलेंस, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं। इसके अलावा करीब 3.5 करोड़ रुपये के सोना और हीरे के गहने तथा 11 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
(सांकेतिक फोटो-Istcok)
ED के मुताबिक Gameskraft Technologies ऑनलाइन रम्मी गेम और टूर्नामेंट चलाती है। कंपनी RummyCulture, RummyPrime, Playship और RummyTime जैसे ऐप्स के जरिए देशभर में सेवाएं दे रही थी। जांच में पता चला कि कंपनी के करीब 3 करोड़ यूजर्स हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि जिन राज्यों में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर रोक है, वहां भी कंपनी कथित तौर पर लोकेशन से छेड़छाड़ कर लोगों को गेम खिलाती थी। इसके साथ ही कंपनी यूजर्स से 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन वसूल रही थी।
ED की जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी कथित तौर पर BOT यानी ऑटोमेटेड प्रोग्राम का इस्तेमाल कर रही थी। यूजर्स को यह बताया जाता था कि गेम पूरी तरह पारदर्शी है और उसमें BOT का इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन जांच में दावा किया गया कि खिलाड़ियों को उनकी जानकारी के बिना BOT के खिलाफ खिलाया जा रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक शुरुआत में खिलाड़ियों को छोटे इनाम जिताकर भरोसा दिलाया जाता था। बाद में जब खिलाड़ी ज्यादा पैसे लगाने लगते थे, तब BOT के जरिए उन्हें हराया जाता था। ED का दावा है कि इस तरीके से यूजर्स को करीब 1154 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच के दौरान कंपनी को मिली कई शिकायतें भी सामने आई हैं। इनमें कुछ लोगों ने भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव की बात कही है। ED का कहना है कि कई यूजर्स आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुए। मामले में कंपनी के तीन डायरेक्टर्स पृथ्वी राज सिंह, विकास तनेजा और दीपक सिंह अहलावत को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया है। ED के अनुसार गेमिंग से कमाए गए पैसों को विदेशों में निवेश, डिविडेंड पेमेंट, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और प्रॉपर्टी में लगाया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
