ईडी ने कथित नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस ओवरसीज चीफ सैम पित्रोदा के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अभियोजन शिकायत दर्ज की है। आरोपपत्र में सुमन दुबे और अन्य के नाम हैं। अदालत ने संज्ञान तर्कों की सुनवाई 25 अप्रैल के लिए निर्धारित की है।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी (फाइल फोटो)
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क्या है मामला
यह मामला नेशनल हेराल्ड केस के नाम से भी जाना जाता है और यह भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक बन चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत मोतीलाल वोहरा, दिवंगत ऑस्कर फर्नांडीस, सैम पित्रोदा और एक प्राइवेट कंपनी यंग इंडियन पर आपराधिक साजिश का आरोप लगाया है। मामला Associated Journals Limited (AJL) की करीब 2000 करोड़ की संपत्ति को मात्र 50 लाख में हड़पने का है।
कहां से शुरू हुआ केस
Associated Journals Limited (AJL) एक पुरानी मीडिया कंपनी है, जिसने "नेशनल हेराल्ड" अखबार निकाला था। इसका मकसद स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों को आगे बढ़ाना था। लेकिन समय के साथ यह बंद हो गया और इसकी संपत्तियां (जो देशभर में फैली थीं और वर्तमान में करीब 2000 करोड़ रुपये की बताई जाती हैं) निष्क्रिय हो गईं।
यंग इंडियन और गांधी परिवार की भूमिका:
- Young Indian Pvt Ltd नामक कंपनी 2010 में बनाई गई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 76% हिस्सेदारी है।
- इस कंपनी ने मात्र 50 लाख रुपये में AJL का लगभग पूरा हिस्सा हासिल कर लिया।
- ED का आरोप है कि इसके ज़रिए AJL की बहुमूल्य संपत्तियों को गैरकानूनी तरीके से कब्जा किया गया।
ED के आरोप
- ₹18 करोड़ की फर्जी डोनेशन दिखाई गई।
- ₹38 करोड़ का एडवांस किराया फर्जी तरीके से दिखाया गया।
- ₹29 करोड़ का फर्जी विज्ञापन खर्च दर्शाया गया।
- इन सभी के ज़रिए "Proceeds of Crime" (अपराधिक रूप से अर्जित धन) को वैध रूप में दिखाने की कोशिश की गई।
