भारत-पाकिस्तान सरहद के बीच की दूरी घटाई जाए, भगवंत मान ने अमित शाह से की अपील, ये है वजह

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  • Updated Oct 28, 2022, 06:06 PM IST

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने गृह मंत्रियों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में अमित शाह (Amit Shah) से अपील की कि कंटीली तार से किसानों को परेशानी हो रही है। इसलिए भारत और पाकिस्तान के बीच असल सरहद की दूरी घटाई जाए।

KEY HIGHLIGHTS
  • सीएम भगवंत मान ने पठानकोट में एनएसजी का केंद्र स्थापित करने की मांग की।
  • सुरक्षा कारणों के मद्देनजर पंजाब को कैटागरी-ए में शामिल करने के लिए कहा।
  • पुलिस फोर्स के आधुनिकीकरण के फंडों संबंधी राज्य को छूट देने की मांग।

फरीदाबाद : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को राज्य में भारत-पाकिस्तान के दरमियान अंतरराष्ट्रीय सीमा (India Pakistan Border) पर लगी कंटीली तार के कारण किसानों को पेश आ रही मुश्किलों को सहानुभूतीपूर्वक विचार करने की अपील की। आज यहां गृह मंत्रियों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अमित शाह को कंटीली तार और असल सरहद के बीच दूरी को घटाने की अपील की, जिससे तार के पार अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसानों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि यह दूरी मौजूदा एक किलोमीटर की बजाय 150-200 मीटर तक घटा दी जाए, जिससे सरहदी क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिल सके। भगवंत मान ने कहा कि इससे एक ओर भूमि का सही प्रयोग सुनिश्चित बनेगा और दूसरी ओर देश की सुरक्षा भी मजबूत होगी।

Bhagwant Mann

गृह मंत्रियों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

एक अन्य मुद्दे को उठाते हुए मुख्यमंत्री ने भारत सरकार को पठानकोट में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्ज़ (एनएसजी) का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पठानकोट एयरबेस पर हमले के दौरान गुरूग्राम से एनएसजी को रवाना किया गया था, जिसमें काफी समय लगा था। भगवंत मान ने कहा कि पठानकोट में एनएसजी केंद्र की स्थापना से पूरे उत्तरी क्षेत्र में आतंकवाद की गतिविधियों का प्रभावशाली ढंग से मुकाबला करने में मदद मिलेगी। पंजाब के साथ 553 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा लगने के कारण इसको संवेदनशील राज्य बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज सुरक्षा कारणों के मद्देनजर राज्य को मौजूदा कैटागरी-बी की बजाय कैटागरी-ए में शामिल करने की मांग की।

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