मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को न्यायपालिका से एक बड़ी राहत मिली है। योग गुरु बाबा रामदेव पर की गई कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े 14 साल पुराने एक मानहानि के मामले में बिहार के हाजीपुर की एक स्थानीय अदालत ने उन्हें पूरी तरह से बरी कर दिया है।
14 साल पुराने मामले में दिग्विजय सिंह को बड़ी राहत (फाइल फोटो)
यह फैसला दीवानी मामलों की अदालत के अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अभिमन्यु कुमार ने मामले की अंतिम सुनवाई पूरी होने के बाद सुनाया। अदालत ने साक्ष्यों और तथ्यों पर गौर करने के बाद दिग्विजय सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। सुनवाई के दौरान दिग्विजय सिंह स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए थे।
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पीटीआई भाषा के मुताबिक दिग्विजय सिंह के अधिवक्ता युवराज सुनील सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला साल 2012 का है। उस समय हाजीपुर के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता प्रो. अजीत कुमार सिंह ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा नेता का आरोप था कि दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई थीं।
इस शिकायत के आधार पर हाजीपुर कोर्ट में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही शुरू की गई थी। अधिवक्ता के अनुसार, इस केस की लंबी सुनवाई के दौरान करीब 12 साल पहले दिग्विजय सिंह व्यक्तिगत रूप से हाजीपुर अदालत में पेश हुए थे और अपना बयान दर्ज कराया था। उस समय वह सांसद थे और यह हाई-प्रोफाइल मामला मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी सुर्खियों में रहा था। आखिरकार, अब 14 वर्षों के लंबे कानूनी सफर के बाद अदालत ने उन्हें इस केस में क्लीन चिट दे दी है।
