Dhar Bhojshala Dispute: मध्य प्रदेश के धार शहर में स्थित ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला परिसर से सटे इलाके में इस शुक्रवार को नमाज की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। सुप्रीम कोर्ट के 30 जुलाई निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन ने भारी बारिश के बावजूद तुरंत तैयारियां कीं और नमाजियों के लिए व्यवस्था बनाई। दरअसल, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार को आदेश दिया था कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को भोजशाला परिसर से सटी खसरा नंबर 596 (जो दरगाह की जमीन बताई जाती है) पर दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाए।
धार में नमाज को लेकर प्रशासन मुस्तैद
इससे पहले 14 जुलाई के अंतरिम आदेश के तहत लोगों को लगभग एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। इसी परेशानी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस नई जगह पर अस्थायी इंतजाम करने का निर्देश दिया। शुक्रवार सुबह धार में तेज बारिश के कारण नमाज़ वाली जगह पर जलजमाव हो गया था। धार के तहसीलदार दिनेश कुमार उइके ने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत पानी की निकासी व सुरक्षा के इंतजाम शुरू करवाए। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर कुछ स्थानीय निवासियों ने विरोध भी जताया, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत के जरिए मामले को शांत कराया।
सुरक्षा के लिहाज से धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले ही परिसर का दौरा कर स्थिति का आकलन कर लिया था। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए करीब 800 से 1,000 पुलिसकर्मियों के साथ एसटीएफ की दो कंपनियां तैनात की गईं। एसडीएम राजकुमार हलदर और एएसपी विजय डाबर के अनुसार, कड़े पहरे के बीच लगभग 150 से 200 लोगों ने नमाज़ अदा की। मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और जिला प्रशासन के इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। प्रशासन का कहना है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की मुख्य सुनवाई के बाद ही तय होगा।
