Devendra Fadnavis and Uddhav Thackeray : महाराष्ट्र में सत्ता के वर्चस्व में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना की राहें एक-दूसरे से अलग हो गईं। दशकों तक भाजपा के साथ रही शिवसेना बिखर गई। उद्धव ठाकरे के हाथ से सीएम की कुर्सी चली गई। उद्धव के पास न तो पार्टी रही और न पार्टी का नाम और निशान। राजनीति के जानकारों का मानना है कि भाजपा के चक्रव्यूह में उद्धव ठाकरे ऐसे फंसे कि उन्हें अपनी पूरी सियासी पूंजी गंवानी पड़ी। शिवसेना से निकले एकनाथ शिंदे की पकड़ पूरी पार्टी पर हो गई। चुनाव आयोग एवं सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी शिंदे गुट के पक्ष में रहा।
महाराष्ट्र विधानसभा में एक साथ दिखे उद्धव और फड़णवीस।
सदन में प्रवेश करते समय एक साथ दिखे दोनों नेता
वर्षों की सियासत की विरासत धूल-धूसरित हो जाने पर राजनीतिक दुश्मनी एवं द्वेष का पनपना स्वभाविक है। शिवसेना को सियासी रूप से भाजपा ने इतना बड़ा नुकसान पहुंचाया है कि उसकी टीस उद्धव ठाकरे के मन में हमेशा रहेगी। शिवसेना की इस टूट में देवेंद्र फड़णवीस की भी भूमिका मानी जाती है लेकिन गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा से एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसे देखने के बाद लोग हैरत में पड़े। महाराष्ट्र सदन के प्रवेश द्वार पर उद्धव ठाकरे और राज्य के डिप्टी सीएम एवं भाजपा नेता देवेंद्र फड़णवीस का आमना-सामना हुआ।
#WATCH | Maharashtra Deputy CM Devendra Fadnavis and former CM Uddhav Thackeray were seen having a conversation on… t.co/yjMC4V9G00
— ANI (@ANI) Mar 23, 2023
मुस्कुराते हुए एक-दूसरे से बात की
दोनों नेता एक-दूसरे को मुस्कुराए और कुछ बातें कीं। उद्धव के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे भी थे। उद्धव और फड़णवीस के बीच एक तरह का अपनापन और पुरानी केमेस्ट्री देखने को मिली। दोनों नेता एक-दूसरे से बात करते हुए आगे बढ़े। इस दौरान उद्धव और फड़णवीस के साथ चलने वाले नेताओं के चेहरे भी चमक उठे। लोगों की चेहरे की प्रतिक्रिया साफ बता रही थी कि इस तरह की भेंट की उन्होंने उम्मीद नहीं थी। दोनों नेताओं का यह दुर्लभ वीडियो सामने आने पर यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या उद्धव ठाकरे एक बार फिर भाजपा के साथ आएंगे। इस वीडियो पर लोगों ने पूछा कि भाजपा और उद्धव के बीच कुछ पक रहा है क्या?
2019 में भाजपा से अलग होकर सीएम बने उद्धव
बता दें कि 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा और शिवसेना के रिश्तों में दरार आ गई। सीएम पद को लेकर उद्धव ठाकरे और भाजपा के बीच गतिरोध पैदा हो गया। चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा ने उद्धव को सीएम बनाने से मना कर दिया। इसके बाद उद्धव भाजपा गठबंधन से अलग हुए और एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन में शामिल हो गए। महाराष्ट्र की महाविकास अघाडी सरकार में उद्धव मुख्यमंत्री बने। जून 2022 में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने विद्रोह कर दिया। इसके बाद अघाड़ी सरकार गिर गई। फिर भाजपा के सहयोग से शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने।
