Satya Niketan Building Collapsed: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद नगर निगम (MCD) ने बड़ी कार्रवाई की है। एमसीडी ने बिल्डिंग विभाग के तीन अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में कोताही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरी, अब MCD का एक्शन। PTI
एमसीडी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, साउथ वेस्ट जोन (पूर्व में नजफगढ़ जोन) के बिल्डिंग विभाग में तैनात असिस्टेंट इंजीनियर रविंदर कुमार को निलंबित किया गया है। उनके अलावा इसी विभाग और जोन में तैनात जूनियर इंजीनियर सुमन सौरभ और मोहित यादव पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप
एमसीडी के मुताबिक, अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई उनकी आधिकारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में कथित चूक को देखते हुए की गई है। निगम ने साफ किया है कि अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में अधिकारियों की लापरवाही या ड्यूटी में कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निगम ने फील्ड स्तर के अधिकारियों को भी सतर्क रहने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तय प्रक्रिया के तहत समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। MCD ने कहा है कि अधिकारियों की जवाबदेही हर स्तर पर तय की जाएगी और जिम्मेदारी निभाने में विफल पाए जाने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
7 लोगों की मौत के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई सत्य निकेतन में लड़कों के लिए बने PG आवास की बिल्डिंग गिरने के कुछ दिनों बाद हुई है। हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि सात अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण को लेकर प्रशासन पर सवाल उठे हैं। हादसे के बाद एमसीडी ने अनधिकृत और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, निगम ने 41 इमारतों को ध्वस्त किया है और 61 इमारतों को सील किया है।
दिल्ली में अवैध निर्माण पर बढ़ी सख्ती
सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने राजधानी में भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान तेज किया है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, निगम ने अलग-अलग इलाकों में कई अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की है। एमसीडी का कहना है कि भवन निर्माण नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अनधिकृत निर्माण को रोकने के लिए जरूरी प्रशासनिक और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी। बता दें कि इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रावास की क्षमता दोगुनी से अधिक करने की तैयारी में
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अपने छात्रावासों की क्षमता दोगुनी से अधिक करने की तैयारी में है, जिसके साथ ही विश्वविद्यालय और इसके महाविद्यालयों के छात्रावासों में कुल सीट बढ़कर 12,754 हो जाएंगी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल विश्वविद्यालय के छात्रावासों में 3,422 सीट हैं, जो जारी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 3,922 सीट वृद्धि के साथ बढ़कर 7,344 हो जाएंगी। इसी तरह दिल्ली विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों में छात्रावास की क्षमता 3,788 सीट से बढ़कर 5,410 हो जाएगी, जिसमें 1,622 नयी सीट जोड़ी जाएंगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद डीयू और उसके महाविद्यालयों की संयुक्त छात्रावास क्षमता बढ़कर 12,754 सीट तक पहुंच जाएगी। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए छात्रावास सुविधाओं के विस्तार की योजनाएं पिछले कुछ वर्षों से चल रही हैं, लेकिन हाल में सत्य निकेतन में पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही इमारत ढहने की घटना और इसके बाद छात्रों द्वारा जवाबदेही की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शनों से इस प्रक्रिया में तेजी लाने पर फिर ध्यान केंद्रित हुआ है।
