Delhi Building Collapse: दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से सटे सत्य निकेतन इलाके (Satya Niketan Building Collapse) में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब छात्रों से भरा एक पांच मंजिला पीजी अचानक भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। कुछ ही पलों में हंसी-खुशी का माहौल चीख-पुकार और मलबे के ढेर में बदल गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 10 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है।
सत्य निकेतन हादसे पर ABVP का हल्लाबोल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस पुरानी इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर लापरवाही से रिनोवेशन (मरम्मत) का काम चल रहा था, जिसकी वजह से पिलर कमजोर हो गए और पूरी इमारत जमींदोज हो गई। दिल्ली पुलिस ने इमारत के कथित मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत केस (FIR No 153/26) दर्ज कर लिया है।
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200 ABVP छात्रों ने जमकर किया हंगामा
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक ढिलाई को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लगभग 200 छात्र एमसीडी (MCD) के सिविक सेंटर पहुंचे और कमिश्नर के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। गेट नंबर 5 से जबरन अंदर घुसने की कोशिश के दौरान पुलिस और छात्रों में तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद 15 छात्रों को हिरासत में ले लिया गया।
NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ क्या बोले?
दूसरी ओर, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि घटना के दो घंटे बाद तक कोई मेडिकल टीम या प्रशासनिक मदद मौके पर नहीं पहुंची और स्थानीय छात्रों ने ही अपनी जान जोखिम में डालकर तीन लोगों की जान बचाई। इस दर्दनाक घटना पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे "टाली जा सकने वाली त्रासदी" बताते हुए कहा कि देश भर से दिल्ली आने वाले छात्र अपने भविष्य के लिए आते हैं, न कि असुरक्षित पीजी में अपनी जान गंवाने। फिलहाल एनडीआरएफ की टीमें मलबे में अन्य संभावित लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
