Delhi Blast: दिल्ली में लाल किला के पास हुए सुसाइड ब्लास्ट में एनआईए ने बड़ी कार्रवाई की है। NIA ने श्रीनगर से एक और संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। दिल्ली बम धमाके की जांच कर रही NIA ने श्रीनगर से जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को अरेस्ट किया है। दानिश एक कश्मीरी निवासी है, इसे आरसी-21/2025/एनआईए/डीएलआई मामले में घाटी में मौजूद एनआईए टीम द्वारा जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार 13 नवंबर को पूछताछ के बाद दानिश के पिता को छोड़ दिया गया था, पर जसीर को हिरासत में रखा रखा गया था। घर लौटने पर पिता बिलाल ने की आत्मदाह की कोशिश, जिसकी आज अस्पताल में मौत हो गई।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में एक और गिरफ्तार (फाइल फोटो- PTI)
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आत्मघाती हमलावर का था खास सहयोगी
एनआईए के अधिकारियों ने कहा कि लाल किले के पास हुए विस्फोट में ‘सह-षड्यंत्रकर्ता’ की भूमिका निभाने के आरोप में जसीर बिलाल वानी को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार वानी ने ‘आत्मघाती हमलावर’ डॉ. उमर उन नबी के साथ मिलकर धमाका कराने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इस हमले में 13 लोगों की जान गई थी।
रॉकेट बनाने की कोशिश
एनआईए ने अपने बयान में कहा कि अनंतनाग के काजीगुंड निवासी वानी ने ड्रोन में बदलाव कर और विस्फोट से पहले रॉकेट बनाने की कोशिश करके आतंकी हमले के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी। वानी उर्फ दानिश को एजेंसी की टीम ने श्रीनगर से गिरफ्तार किया। बयान में बताया गया कि वानी हमले की साजिश रचने में उमर उन नबी के साथ सीधे तौर पर शामिल था। एनआईए 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में हुए इस विस्फोट के पीछे की साजिश की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलवामा का था उमर
एजेंसी ने कहा कि उसकी कई टीमें अलग-अलग सुरागों पर काम कर रही हैं और हमले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान करने के लिए विभिन्न राज्यों में तलाशी अभियान चला रही हैं। एनआईए के अनुसार, धमाका जिस कार में हुआ उसे चला रहा उमर उन नबी ही ‘आत्मघाती हमलावर’ था। एजेंसी ने कार में लगाए गए विस्फोटक को ‘वाहन-जनित संवर्धित विस्फोटक उपकरण’ (VBIED) बताया है। फोरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि VBIED धमाके में मारा गया वाहन चालक उमर उन नबी था, जो पुलवामा का मूल निवासी था और फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में सामान्य चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत था।
