दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के सभी नेताओं को 65 दिल्ली पुलिस एक्ट में बुक किया है, बता दें कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे मुद्दे पर अब कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। अपना विरोध प्रदर्शन तेज करते हुए कांग्रेस के नेता पीएम आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। वहीं सोनिया गांधी, अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं।
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं पर एक्शन
दरअसल, पीएम आवास के बाहर धरना दे रहे कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिए जाने के बाद विभिन्न थानों में रखा गया है। प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर थाना मार्ग में हिरासत में रखा गया है। राहुल गांधी को भी यहीं रखा गया है।
राहुल और प्रियंका को हिरासत में लेने के करीब 2 घंटे बाद छोड़ दिया गया
वहीं ताजा घटनाक्रम में हिरासत में लिए गए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लेने के करीब 2 घंटे बाद छोड़ दिया गया। प्रियंका को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया था, जबकि राहुल गांधी सहित कई सांसदों को छत्रसाल स्टेडियम में रखा गया था। दोनों को पुलिस ने छोड़ दिया जिसके बाद वे यहां से रवाना हो गए।
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कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे मुद्दे पर अब कांग्रेस विरोध प्रदर्शन तेज करते हुए कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के कई सांसद व नेता पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पीएम मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने खुद को सांकेतिक हथकड़ी भी लगाई।
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Delhi Police Act की धारा 65 के क्या हैं प्रावधान
दिल्ली पुलिस एक्ट (Delhi Police Act) की धारा 65 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी पुलिस अधिकारी द्वारा दिए गए उचित और वैध निर्देशों का पालन करने से इनकार करता है, विरोध करता है, या अनदेखी करता है, तो पुलिस अधिकारी उसे मौके से हटा सकता है, और बिना वारंट के हिरासत में ले सकता है।
निर्देशों का पालन करने की बाध्यता (उप-धारा 1): इस अधिनियम के तहत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय, किसी पुलिस अधिकारी द्वारा दिए गए सभी उचित (Reasonable) निर्देशों का पालन करना हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य होगा।
निर्देश न मानने पर कार्रवाई (उप-धारा 2): यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी के ऐसे निर्देशों का पालन करने से मना करता है, उनका विरोध करता है या उनमें बाधा डालता है, तो पुलिस अधिकारी को यह अधिकार है कि वह कानून के तहत अन्य कार्रवाई करने के साथ-साथ उस व्यक्ति को वहां से हटा सकता है।
ऐसे व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य होता है।अगर मामला बहुत मामूली है, तो पुलिस अधिकारी उस व्यक्ति को तब रिहा कर सकता है जब निर्देश न मानने या रुकावट पैदा करने की वजह खत्म हो गई हो।
