Delhi Police Mewat Sextortion Cyber Gang Arrested: राजधानी दिल्ली में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नॉर्थ जिला साइबर पुलिस ने अश्लील वीडियो कॉल के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान और पंजाब से जुड़े इस गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मेवात क्षेत्र से अपना नेटवर्क चला रहे थे।
फोन आया और चालू हो गई अश्लील वीडियो...79 साल के सेवक ऐसे फंसे, जो देते रहे लाखों, दिल्ली पुलिस ने किया कमाल
इस गिरोह ने एक 79 वर्षीय बुजुर्ग को अपना शिकार बनाते हुए ₹14 लाख से अधिक की ठगी की थी, जिसके बाद यह पूरा मामला खुला।
कैसे दिया जाता था वारदातों को अंजाम? (फर्जी वीडियो कॉल का जाल)
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को फंसाता था:
अश्लील वीडियो का इस्तेमाल: आरोपी Whatsapp के जरिए लोगों को अश्लील वीडियो भेजते थे या फर्जी वीडियो कॉल करते थे। इस दौरान वे दूसरे मोबाइल पर पहले से रिकॉर्डेड अश्लील वीडियो चलाकर पीड़ित के सामने ऐसा भ्रम पैदा करते थे कि मानो लाइव वीडियो कॉल चल रही हो।
ब्लैकमेलिंग और धमकी: ठग इस पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड कर लेते थे और फिर खुद को पुलिसकर्मी, क्राइम ब्रांच अधिकारी या यूट्यूब प्रतिनिधि बताकर पीड़ितों को फोन करते थे।
भय का माहौल: आरोपियों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने, झूठे मुकदमों में फंसाने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर 79 वर्षीय पीड़ित (जो एक गुरुद्वारे में सेवा करते हैं) से अलग-अलग किस्तों में 14.63 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
आरोपियों की भूमिका और गिरफ्तारी
तकनीकी सर्विलांस, करीब 100 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और IMEI की जांच के बाद पुलिस के हाथ राजस्थान के डीग जिले के कलतरिया गांव और आसपास के इलाकों से अहम सुराग लगे। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को दबोच लिया:
इमराज खान: इसे गिरोह का अहम सदस्य बताया गया है, जो फर्जी सिम कार्ड, मोबाइल फोन और ठगी की रकम के लेनदेन के लिए बैंक खातों का इंतजाम करता था।
समद खान: यह बैंक खाते उपलब्ध कराने में मदद करता था।
अंकित सैन और तस्लीम राजा: इनके बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की अवैध रकम को मंगवाने और ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं।
1 करोड़ से अधिक के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि इन संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े करीब 15 साइबर ठगी के मामले देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। इन खातों में 1 करोड़ रुपये से अधिक के कुल डेबिट-क्रेडिट ट्रांजैक्शन मिले हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह ने देश भर में सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया है।
नॉर्थ जिला पुलिस अब गिरोह के बाकी बचे अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और ठगी की पूरी रकम बरामद करने के साथ ही अन्य राज्यों के मामलों से इनके कनेक्शन की गहन जांच कर रही है। हालांकि, इस केस में पुलिस को शिकायत के बाद जिस तेजी से पुलिस ने अपराधियों को पकड़ा, उससे कई लोगों की जान बच गई। वरना देखा गया कि लोग पैसे तो गंवाते ही हैं और इज्जत के खातिर खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे कार्य भी कर लेते हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए अच्छा काम किया। साथ ही यह खबर उन लोगों को भी आगे बढ़कर आने में मदद करेगी, जो शिकायत के लिए नहीं जाते हैं, जो इज्जत के खातिर चुप रहकर सहते रहते हैं।
