LIVEDelhi-NCR AQI, Pollution Updates: दिल्ली में जहरीली हुई हवा, उप-राज्यपाल ने की बैठक, ग्रैप-3 लागू

Delhi-NCR AQI, Pollution Updates: दिल्ली में जहरीली हुई हवा, उप-राज्यपाल ने की बैठक, ग्रैप-3 लागू
Delhi, Noida, Ghaziabad, Meerut AQI, Pollution and Weather Forecast Today LIVE Updates: Delhi, Noida, Ghaziabad, Meerut Pollution and Weather Forecast Today Live News : दिल्ली एवं एनसीआर का पूरा इलाका धूंध के चादर से लिपट गया है। आसमान में चारो तरफ प्रदूषण की एक मोटी परत बिछी हुई है। कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया है। प्रदूषण की यह मार लोगों के सेहत पर भारी पड़ रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा कि शुक्रवार सुबह प्रदूषण का सबसे अधिक स्तर 498 मुंडका में रिकॉर्ड किया गया। लोधी रोड पर AQI का स्तर 438, जहांगीरपुरी में 491, आरकेपुरम और आईजीआई एयरपोर्ट पर यह क्रमश: 486 और 473 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषण की मोटी परत छाने से दृश्यता का स्तर आधे से भी कम हो गया है। वहीं, दिल्ली सरकार ने राजधानी में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप-3) लागू करने का आदेश दिया है।
वायु प्रदूषण की स्थिति पर उपराज्यपाल ने की बैठक
दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने शुक्रवार को शहर में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति के बीच पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के साथ बैठक की, जिसमें धान की पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों, खासकर पंजाब से अपील करने का निर्णय लिया गया। बैठक में अंतरिम उपाय अपनाने का भी निर्णय लिया गया, जैसे कि पर्यावरण विभाग द्वारा लोगों, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने के लिए सलाह जारी करना, स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयारी और मशीनीकृत सड़क सफाईवाहनों, पानी की बौछार करने वाले वाहनों व एंटी-स्मॉग गन का इष्टतम उपयोग करना शामिल है।राज निवास की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वह दिल्ली से बाहर थे। बैठक के बाद, राय ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उपराज्यपाल से वरिष्ठ अधिकारियों को सरकार का “बहिष्कार” नहीं करने और बैठकों में भाग लेने तथा निर्णयों को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए सहयोगी एवं सक्रिय रहने का निर्देश देने का आग्रह किया।
12 नवंबर, 2021 के बाद सबसे खराब एक्यूआई
शुक्रवार को शहर का एक्यूआई 12 नवंबर, 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम स्तर के बाद से सबसे खराब था। हालांकि सीएक्यूएम ने एक समीक्षा बैठक के दौरान दिल्ली-एनसीआर में सख्त प्रतिबंध लागू करने से पहले एक या अधिक दिन के लिए वायु प्रदूषण की स्थिति की निगरानी करने का निर्णय लिया। शाम को साझा की गई एक अपडेट जानकारी के अनुसार इसमें कहा गया है कि प्रदूषण नियंत्रण योजना के चरण-3 के तहत प्रतिबंध केवल एक दिन पहले लागू किए गए हैं और क्षेत्र में एक्यूआई पर अपना पूरा प्रभाव डालने के लिए समय देना उचित होगा।
एक-दो दिन वायु प्रदूषण की स्थिति की निगरानी होगी
सीएक्यूएम ने एक समीक्षा बैठक के दौरान दिल्ली-एनसीआर में सख्त प्रतिबंध लागू करने से पहले एक या अधिक दिन के लिए वायु प्रदूषण की स्थिति की निगरानी करने का निर्णय लिया। शाम को साझा की गई एक अद्यतन जानकारी के अनुसार इसमें कहा गया है कि प्रदूषण नियंत्रण योजना के चरण-3 के तहत प्रतिबंध केवल एक दिन पहले लागू किए गए हैं और क्षेत्र में एक्यूआई पर अपना पूरा प्रभाव डालने के लिए समय देना उचित होगा। प्रदूषण के अति गंभीर श्रेणी में पहुंचने के कारण अनेक लोग सुबह की सैर और खेल समेत खुले में की जाने वाली अपनी गतिविधियों को टालने के लिए मजबूर हुए हैं।
एलजी की लोगों से अपील
एलजी ने कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें और खुद को - विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को खतरनाक परिवेशीय परिस्थितियों में न रखें, कथित तौर पर एक्यूआई 800 को पार कर गया है।
उपराज्यपाल ने कार्यक्रम रद्द किए
उपराज्यपाल ने योगमाया मंदिर और ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया के उर्स में अपने सार्वजनिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं। उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा, शहर में वायु प्रदूषण से उत्पन्न स्थिति बेहद चिंताजनक है। मैंने स्थिति का जायजा लेने के लिए माननीय मुख्यमंत्री और माननीय मंत्री (पर्यावरण) से आज शाम छह बजे राज निवास में एक बैठक के लिए कहा है।
केजरीवाल के साथ बैठक करेंगे उप-राज्यपाल
दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने शुक्रवार को कहा कि शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद चिंताजनक है और उन्होंने राज निवास में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के साथ एक बैठक बुलाई है। ट्विटर पर किए गए पोस्ट में सक्सेना ने लोगों से घरों के अंदर रहने और खुद को और विशेष रूप से बच्चों व बुजुर्गों को खतरनाक परिवेशीय परिस्थितियों से बचाने की अपील की।
दिल्ली हाई कोर्ट ने वन विभाग को फटकारा
राजधानी में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच पेड़ों की कटाई को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को शहर सरकार के वन विभाग को फटकार लगाई। दिल्ली में पेड़ों की कटाई को लेकर न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि यह वन विभाग का ढीलापन था जिसके कारण शहर में वायु गुणवत्ता विषाक्त स्तर पर पहुंच गई है।
दिल्ली में कई नियम लागू
यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं कि वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए केंद्र के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। सीएक्यूएम ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में चली जाने के बाद दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को गैर-जरूरी निर्माण कार्य, पत्थर काटने और खनन पर प्रतिबंध का आदेश दिया।
गोपाल राय बोले, दिल्ली में 69 प्रतिशत वायु प्रदूषण पड़ोसी राज्यों से
एक स्वतंत्र थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट’ के एक अध्ययन का हवाला देते हुए गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में 69 प्रतिशत वायु प्रदूषण पड़ोसी राज्यों से आता है। उन्होंने कहा कि हम (दिल्ली) समस्या से निपटने के लिए हरसंभव कदम उठा रहे हैं लेकिन कोई नहीं जानता कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पर्यावरण मंत्री क्या कर रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि समूचे दिल्ली-एनसीआर के लिए अगले 15 दिन अहम है और सभी राज्य सरकारों को चौकन्ना रहना चाहिए और वायु प्रदूष्ण से निपटने के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। राय ने कहा कि सरकार को फीडबैक मिला है कि संबंधित विभागों द्वारा गठित वायु प्रदूषण निगरानी दल जमीनी स्तर पर उचित तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।
गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से सक्रिय होने की अपील की
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से सक्रिय होने की शुक्रवार को अपील करते हुए कहा कि न केवल राष्ट्रीय राजधानी, बल्कि समूचा उत्तर भारत प्रदूषण की चपेट में है। राय ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहरा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश और हरियाणा में खराब वायु गुणवत्ता के लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं। राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से सक्रिय होने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा नहीं लगता कि दिल्ली में कोई केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय भी है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘अत्यधिक गंभीर' श्रेणी में पहुंची
दिल्ली की वायु गुणवत्ता शुक्रवार को सुबह ‘‘अत्यधिक गंभीर’’ श्रेणी में चली गयी, जिसके तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहे ट्रकों, वाणिज्यिक चार पहिया वाहनों और सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध समेत तमाम आपात उपाय लागू करने की आवश्यकता होती है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा तैयार किए गए नीति दस्तावेज के अनुसार, ये कदम केंद्र की वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना के अंतिम चरण के तहत उठाए जाते हैं और आदर्श रूप में राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के 450 के आंकड़े को पार करने से कम से कम तीन दिन पहले लागू किए जाने चाहिए।
दिल्ली में क्या आगे स्कूल बंद रहेंगे?
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि राजधानी में आगे स्कूलों को बंद रखने का फैसला छह नवंबर को वायु गुणवत्ता को देखने के बाद लिया जाएगा।
मेरी आंखों में जलन होने लगी-सीएम योगी
वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'परसों सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण पर पंजाब, हरियाणा, यूपी और दिल्ली समेत 5-6 राज्यों को नोटिस जारी किया। दिल्ली जाते समय मैं गाजियाबाद में उतरा। जैसे ही मैं विमान से बाहर निकला, मेरी आंखों में जलन होने लगी और मुझे एहसास हुआ कि यह धुंध के कारण था। जब मैंने पराली जलाने और औद्योगिक प्रदूषण से प्रभावित क्षेत्रों को देखने के लिए नासा के उपग्रह चित्रों की जांच की, तो पता चला कि पूरा पंजाब और उत्तरी भाग हरियाणा को 'लाल' (पराली जलाने का संकेत) में दर्शाया गया था। जब इन राज्यों से हवा चली, तो दिल्ली अंधेरे में ढकी हुई थी।'
'प्रदूषण के लिए दिल्ली को बदनाम करना ठीक नहीं'
दिल्ली के प्रदूषण पर मंत्री एवं आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसी गंभीर स्थिति दिल्ली में नहीं है। दिल्ली के लोगों को बदनाम करना ठीक नहीं है। दिल्ली ही केवल ऐसा राज्य है, जहां डीजल जेनरेटरों पर प्रतिबंध है। जबकि नोएडा एवं गुरुग्राम ज्यादातर बिजली जेनरेटरों से आती है। दिल्ली में ईंट भट्ठियां बंद हैं। राजधानी में सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। क्या हरियाणा एवं दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं? प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हम सभी प्रयास कर रहे हैं। पंजाब में जलने वाली पराली पर सबकी नजर है लेकिन यहां पिछले साल के मुकाबले कम पराली जली है। क्या इसमें केंद्र सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है।'
Delhi-NCR AQI Updates: 401 से 500 के बीच AQI 'गंभीर'
शून्य से 50 के बीच एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है।
Delhi-NCR AQI Updates: इन इलाकों में AQI 400 के पार
दिल्ली के जिन क्षेत्रों में एक्यूआई 400 के स्तर को पार कर गया है, उनमें आनंद विहार (450), बवाना (452), बुराड़ी क्रॉसिंग (408), द्वारका सेक्टर 8 (445), जहांगीरपुरी (433), मुंडका (460), एनएसआईटी द्वारका (406) , नजफगढ़ (414), नरेला (433), नेहरू नगर (400), न्यू मोती बाग (423), ओखला फेज 2 (415), पटपड़गंज (412), पंजाबी बाग (445), आर के पुरम (417), रोहिणी (454), शादीपुर (407) और वज़ीरपुर (435) शामिल हैं।
Delhi-NCR AQI Updates: 'गंभीर' श्रेणी में AQI
दिल्ली के 37 निगरानी स्टेशन में से कम से कम 18 में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) "गंभीर" श्रेणी में दर्ज किया गया है। पंजाबी बाग (439), द्वारका सेक्टर-8 (420), जहांगीरपुरी (403), रोहिणी (422), नरेला (422), वजीरपुर (406), बवाना (432), मुंडका (439), आनंद विहार (452) और न्यू मोती बाग (406) सहित शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है।
Delhi-NCR AQI Updates: ये हैं संवेदनशील स्थान
लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट, लाहौरी गेट, घिटोरनी मेट्रो स्टेशन के पास का क्षेत्र, मंगोलपुरी डीटीसी डिपो के पास कतरन बाजार, गांधी नगर मार्केट, महिपालपुर चौक, संगम विहार, गाजीपुर पेपर मार्केट, जयपुर गोल्डन अस्पताल के पास और यमुना विहार संवेदनशील स्थानों में शामिल हैं।
Delhi-NCR AQI Updates: 12 नवंबर की आधी रात तक तैनात रहेंगे
गर्ग ने कहा, ‘इन अग्निशमन कर्मियों के पास सभी आवश्यक उपकरण होंगे और उन्हें मोटरसाइकिल एवं एसयूवी प्रदान की जाएंगी ताकि आगजनी की किसी भी घटना या आपातकालीन स्थिति के दौरान सहायता प्रदान करने के लिए वे तुरंत गंतव्य तक पहुंच सकें।’ ये अग्निशमन कर्मी 11 नवंबर शाम पांच बजे से 12 नवंबर की आधी रात तक तैनात रहेंगे। इस साल दिवाली 12 नवंबर को मनाई जाएगी।
Delhi-NCR AQI Updates: DFS ने की आपात तैयारी
दिल्ली अग्निशमन विभाग (डीएफएस) ने दिवाली के दौरान हर प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग ने शहर में 25 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है, जहां विस्तृत व्यवस्था की गई है। डीएफएस प्रमुख अतुल गर्ग ने बताया कि इन 25 स्थान पर 2,500 अग्निशमन कर्मियों के साथ लगभग 200 दमकल वाहन तैनात रहेंगे।