Abhijit Dipke Hunger Strike: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में चल रहा आंदोलन अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 20 दिनों से अनवरत अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वांगचुक के अस्पताल जाने के तुरंत बाद, इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मोर्चा संभालते हुए खुद अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
अभिजीत दीपके ने शुरू किया अनशन (फाइल | PTI)
इसको लेकर टाइम्स नाउ नवभारत से अभिजीत की बात हुई। इस सवाल पर कि संसद से 2 किलोमीटर की दूरी पे ये प्रोटेस्ट होने के बावजूद भी अगर सरकार बात नहीं कर रही है, इस पर दीपके ने कहा कि सरकार को इनलोगों को शर्म आनी चाहिए और आज सबने तानाशाही का सबसे बड़ा प्रूफ दे रखा है। एक महीने से हमारा पीसफुल प्रोटेस्ट चल रहा था, सोनम वांगचुक 20 दिनों से अपनी खुद की जान दांव पर लगाकर भूखे थे...।वांगचुक की तबीयत के सवाल पर दीपके ने कहा कि डॉक्टर्स ने कहा था इमीडिएटली हॉस्पिटलाइज करने की जरूरत नहीं है और सोनम वांगचुक भी यही चाहते थे। बकौल दीपके, वांगचुक ने भी डॉक्टर्स को कहा था कि मैं हॉस्पिटल नहीं जाऊंगा। आगे उन्होंने कहा कि अनशन के लिहाज से उनके वाइटल्स सामान्य थे, कोई क्रिटिकल स्थिति नहीं थी और डॉक्टर्स ने कहा था कि हॉस्पिटलाइज अभी करने की जरूरत नहीं है। प्रोटेस्ट को लेकर दीपके ने कहा कि यह जारी रहेगा। फिर सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने यह बात सार्वजनिक भी की।
बता दें कि सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए जंतर मंतर से उठाकर अस्पताल ले गई है। फिलहाल वह सफदरगंज अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी पत्नी गीतांजली आंग्मो ने X पर पोस्ट कर कहा कि मेरी, उनके परिवार और पिछले 20 दिनों से उनकी स्वास्थ्य निगरानी कर रहे चिकित्सकों की पूर्व सहमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई भी दवा, तरल पदार्थ, भोजन या अन्य सामग्री मुंह या नसों के जरिए न दी जाए।
