दिल्ली हाईकोर्ट का एम्स को निर्देश, गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे बच्चे के इलाज के लिए इंजेक्शन आयात करें

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 5, 2023, 06:21 PM IST

याचिका में कहा गया है कि एम्स ने महिला को नंद नगरी में ईएसआईसी डिस्पेंसरी से इंजेक्शन लाने भेजा था क्योंकि बच्चे के पिता कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) योजना के लाभार्थी हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से कहा है कि वह गुर्दे से संबंधित बीमारी से जूझ रहे चार वर्षीय एक बच्चे के इलाज में आवश्यक इंजेक्शन का तत्काल आयात करे। हॉर्सशू किडनी नामक बीमारी में जन्म से पहले गुर्दों के निचले सिरे आपस में जुड़े होते हैं और "यू" आकार के बन जाते हैं। यह आदेश अदालत के रजिस्ट्रार जनरल को मिले एक ईमेल के आधार पर दर्ज जनहित याचिका पर आया है। याचिका में बच्ची की मां ने शिकायत की थी कि ‘डेक्सेल’ नामक इंजेक्शन देश में उपलब्ध नहीं है।

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दिल्ली हाईकोर्ट का एम्स को निर्देश

महिला ने शिकायत में कहा कि उसके बेटे के इलाज के लिए इंजेक्शन की तुरंत आवश्यकता है। याचिका में कहा गया है कि एम्स ने महिला को नंद नगरी में ईएसआईसी डिस्पेंसरी से इंजेक्शन लाने भेजा था क्योंकि बच्चे के पिता कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) योजना के लाभार्थी हैं। हालांकि, डिस्पेंसरी ने उन्हें यह कहते हुए एम्स वापस भेज दिया कि इंजेक्शन खरीदा नहीं जा सकता क्योंकि यह देश में उपलब्ध नहीं है।

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