दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई के आरोपपत्र का बुधवार को संज्ञान लिया।
प्रतीकात्म फोटो
विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने 13 आरोपियों के खिलाफ एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट का संज्ञान लिया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हाल में 'प्रश्नपत्र लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े आपराधिक मामलों' की सुनवाई करने वाली त्वरित अदालत के सामने अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश की थी।
अदालत संभवत: बृहस्पतिवार से आरोपों पर दलीलें सुनना शुरू करेगी। एजेंसी ने कार्यवाही के दौरान अदालत से कहा कि जिन गवाहों के नाम मीडिया में छापे जा रहे हैं, उनमें से कुछ नाबालिग भी हो सकते हैं और आरोपपत्र के कुछ हिस्से लगातार अखबारों में प्रकाशित किए जा रहे हैं।
गवाहों के नाम अखबारों में प्रकाशित किए जाने पर नाखुशी
अदालत ने मामले में गवाहों के नाम अखबारों में प्रकाशित किए जाने पर नाखुशी जताई।अदालत ने कहा, 'यह बहुत चौंकाने वाली बात है जो बातें अभी तक अदालत में नहीं कही गई हैं और जो अभी आरोपपत्र का हिस्सा हैं उनका मीडिया में सार्वजनिक होना बेहद चौंकाने वाला है।' अदालत ने कहा कि जिम्मेदार मीडिया को ऐसी चीजों से बचना चाहिए।
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वहीं नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले पर तमिलनाडु विधानसभा ने मंगलवार यानी 11 अगस्त 2026 को नीट परीक्षा के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है। विधानसभा में इस प्रस्ताव को DMK, AIADMK, PMK, DMDK, कांग्रेस, वामपंथी दलों और अन्य छोटे दलों का समर्थन मिला। इस दौरान भाजपा एक मात्र पार्टी थी, जिसने तमिलनाडु सरकार के इस कदम का विरोध किया और विधानसभा से वॉकआउट किया।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने नीट परीक्षा समाप्त करने की मांग की
विधानसभा में तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के. अरुणराज ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को समाप्त करने की मांग की और एक प्रस्ताव पेश किया। और स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 'नीट परीक्षा सामाजिक न्याय, समानता और राज्यों के अधिकारों के खिलाफ है।' उन्होंने विधानसभा में मेडिकल कोर्स के लिए एकसमान नीट परीक्षा प्रणाली को बंद करने के लिए केंद्रीय कानूनों में बदलाव की भी मांग की है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नीट परीक्षा को लेकर तमिलनाडु सरकार का कहना है कि यह परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के लिए, विशेषकर तमिल माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। सरकार ने इस दौरान महंगी कोचिंग केंद्रों पर छात्रों की बढ़ रही निर्भरता पर भी चिंता जताई।
