पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी समुद्री और वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कुल 5,083 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर किए,जिनमें छह उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (ALH) और सतह से हवा में मार करने वाली ‘श्तिल’ मिसाइलों की खरीद शामिल है।
भारत बढ़ा रहा सैन्य ताकत। (फोटो- एआई )
कोस्ट गार्डको 2,901 करोड़ रुपये के मिलेंगे हेलीकॉप्टर
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय तटरक्षक बल के लिए 2,901 करोड़ रुपये की लागत से एएलएच एमके-III (मैरिटाइम भूमिका) हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ अनुबंध किया गया है। ये ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ समुद्र में जहाजों से भी संचालन करने में सक्षम होंगे।
मंत्रालय ने बताया कि इन हेलीकॉप्टरों की तैनाती से तटरक्षक बल की समुद्री सुरक्षा क्षमता में अप्रत्याशित होगी। इससे कृत्रिम द्वीपों, अपतटीय प्रतिष्ठानों, मछुआरों और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
नेवी के युद्धपोत होंगे श्तिल मिसाइल से लैस
इसके अलावा भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए 2,182 करोड़ रुपये की लागत से ‘श्तिल’ वर्टिकल लॉन्च सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की खरीद का अनुबंध रूस की जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट कंपनी के साथ किया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस प्रणाली से अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की हवाई हमलों से रक्षा क्षमता काफी मजबूत होगी। यह सभी मौसम में त्वरित प्रतिक्रिया देने और बहुस्तरीय वायु रक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने में सक्षम होगी, जिससे चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में नौसेना की जीवटता बढ़ेगी।
सरकार ने इस समझौते को भारत-रूस के दीर्घकालिक रक्षा सहयोग का प्रतीक बताया, जो आपसी विश्वास और रणनीतिक साझेदारी पर आधारित है। विश्लेषकों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता और समुद्री मार्गों पर संभावित खतरे को देखते हुए भारत अपनी रक्षा तैयारियों को सक्रिय रूप से मजबूत कर रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
