Tejas Delivery Delays:- रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस के उत्पादन में देरी की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता रक्षा सचिव करेंगे। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह तेजस के उत्पादन में आ रही देरी के कारणों की विस्तृत समीक्षा करे और उत्पादन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करे। सरकार इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है, ताकि भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता को और मजबूत किया जा सके।
तेजस लड़ाकू विमानों के उत्पादन में देरी
एक महीने के भीतर देनी होगी रिपोर्ट
समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर सरकार आवश्यक कदम उठाकर तेजस परियोजना के उत्पादन को गति देने का प्रयास करेगी। तेजस भारतीय वायुसेना के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है और इसे स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। सरकार इसे मेक इन इंडिया पहल के तहत तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
वायुसेना प्रमुख ने उठाए थे सवाल
मामले से परिचित अधिकारियों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने भारत के हल्के लड़ाकू विमान एमके-1ए (Mk-1A ) के उत्पादन और इसे वायुसेना में शामिल किए जाने में देरी को दूर करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह कदम वायुसेना प्रमुख एपी सिंह द्वारा एलसीए विमानों की आपूर्ति में देरी पर सवाल के बाद उठाया गया है। वायुसेना अपने लड़ाकू विमानों के बेड़े को मजबूत करना चाहती है, क्योंकि स्क्वाड्रनों की संख्या में लगातार गिरावट की चिंता का सबब है।
83 विमानों का ऑर्डर
कुल 83 विमानों का ऑर्डर दिया जा चुका है ताकि लड़ाकू विमानों की संख्या में कमी को पूरा किया जा सके। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति को एलसीए कार्यक्रम में बाधाओं की पहचान करने और उत्पादन में तेजी लाने के उपायों की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए एक महीने की समयसीमा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि समीक्षा में विमान निर्माण में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया जाएगा, ताकि आपूर्ति में तेजी लाई जा सके। अगले दशक और उसके बाद वायु सेना द्वारा एमके-1, एमके-1ए और एमके-2 सहित लगभग 350 एलसीए वेरिएंट संचालित किए जाने की उम्मीद है।
देरी पर एयर चीफ मार्शल की खरी-खरी
एयर चीफ एपी सिंह एलसीए विमान की देरी और उसे शामिल किए जाने पर अपनी निराशा के बारे में मुखर रहे हैं। बेंगलुरू में हाल ही में एयरो इंडिया शो में एक विमान का निरीक्षण करते समय एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के अधिकारियों से यह कहते हुए सुना गया कि उन्हें सरकारी एयरोस्पेस कंपनी पर कोई भरोसा नहीं है। एक वीडियो में एपी सिंह को यह कहते हुए सुना गया- मैं आपको सिर्फ यह बता सकता हूं कि हमारी जरूरतें और हमारी चिंताएं क्या हैं। फिलहाल, मुझे एचएएल पर भरोसा नहीं है, जो कि बहुत गलत बात है।
