बिना सबूत पति की मानहानि या शराबी कहना क्रूर व्यवहार- बांबे हाईकोर्ट

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  • Updated Oct 25, 2022, 03:07 PM IST

बंबई उच्च न्यायालय ने कहा कि बिना सबूत पति की मानहानि करना या शराबी कहना क्रूर व्यवहार है।

बंबई उच्च न्यायालय ने एक मामले में कहा कि पति की मानहानि, उसे बिना सबूत व्याभिचारी और शराबी कहना क्रूरता के समान है। इसके साथ ही अदालत ने पुणे के दंपति के विवाह विच्छेद के परिवार अदालत के आदेश को बरकरार रखा।न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की खंडपीड ने यह आदेश 50 वर्षीय महिला की अपील को खारिज करते हुए 12 अक्टूबर को सुनाया। महिला याचिकाकर्ता ने पुणे की परिवार अदालत द्वारा नवंबर 2005 में दिए गए फैसले को चुनौती दी थी जिसमें उसके और उसके पति के विवाह संबंध के विच्छेद की अनुमति दी गई थी।

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बांबे हाईकोर्ट

पति पर था व्यभिचारी और शराबी होने का आरोप

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