Rahul Gandhi Defamation Case: राजनीति के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे (Shivraj Singh Chouhan Son) कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल गांधी ने अदालत के सामने अपनी याचिका में इस पूरे घटनाक्रम पर खेद व्यक्त किया है।
शिवराज सिंह चौहान के बेटे पर दिए बयान पर हाई कोर्ट में जताया खेद (फाइल फोटो)
भोपाल जिला अदालत में चल रहे मानहानि मामले को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में कहा कि उनका बयान गलतफहमी में दिया गया था। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान की ओर से भी लिखित जवाब दाखिल कर मामले को बंद करने की मांग की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट अब मामले की अगली सुनवाई तय करेगा।
यह पूरा मामला साल 2018 का है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान झाबुआ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक घोटाले का जिक्र किया था। कार्तिकेय चौहान का आरोप है कि राहुल गांधी ने उस भाषण में उनका नाम घसीटा था, जिससे उनकी सामाजिक छवि और प्रतिष्ठा को गहरा धक्का पहुंचा। इसके बाद कार्तिकेय ने भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होने का मिला था समन
निचली अदालत ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया था। इसी समन और पूरे मानहानि के मुकदमे को खारिज कराने के लिए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट में अपील की है। बुधवार को उनके वकील के माध्यम से कोर्ट में एक आवेदन दिया गया, जिसमें कहा गया है कि चुनावी रैली के दौरान दिया गया वह बयान कार्तिकेय सिंह चौहान के संदर्भ में नहीं था और इसके लिए वे खेद प्रकट करते हैं।
प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच करेगी मामले की सुनवाई
हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, याचिकाकर्ता की ओर से निचली अदालत के सभी जरूरी रिकॉर्ड भी पेश कर दिए गए हैं। इस मामले में कार्तिकेय सिंह चौहान का पक्ष वकील संकल्प कोचर रख रहे हैं। हाई कोर्ट के जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच इस मामले पर आज को सुनवाई करने वाली है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी द्वारा खेद जताए जाने के बाद कोर्ट और शिकायतकर्ता का क्या रुख रहता है।
