Death Due To Flood: भारत में हर साल कई राज्यों को बाढ़ और भारी बारिश का प्रकोप झेलना पड़ता है। उत्तर बिहार से लेकर हिमाचल तक और कश्मीर से लेकर केरल तक पिछले कुछ सालों में बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बिहार, हिमाचल, उत्तराखंड तो लगभग हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। बाढ़ और बारिश के कारण हर साल सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है। साथ ही आर्थिक क्षति भी जमकर होती है।
भारत में बाढ़ से कितनों की मौत
10 साल में कितनी मौतें
मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों का उन मौतों का आंकड़ा संसद में दिया है, जिनकी मौत बाढ़ और बारिश के कारण हुई है। यह आंकड़ा हैरान कर देने वाला है।सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में 2012 से 2021 के बीच बाढ़ और भारी बारिश से 17,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
सरकार ने क्या कहा
जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा- "कम अवधि की उच्च तीव्रता वाली बारिश की बढ़ती घटनाएं मुख्य रूप से शहरी बाढ़ के लिए जिम्मेदार हैं, जो अनियोजित विकास, प्राकृतिक जल निकायों के अतिक्रमण और खराब जल निकासी प्रणाली के कारण और बढ़ जाती हैं।
टुडू द्वारा सदन में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2012 से 2021 तक बाढ़ और भारी बारिश के कारण 17,422 मौतें हुईं।"
कितने का हुआ नुकसान
उन्होंने कहा कि सभी राज्यों (ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों) में भारी बारिश और बाढ़ के कारण नुकसान पर केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा राज्यवार आंकड़े संकलित किए गए हैं। इसके अनुसार फसलों, घरों सहित कुल नुकसान 2,76,004.05 करोड़ रुपये का है। टुडू ने कहा कि बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में शहरी बाढ़ से निपटने के लिए भूजल पुनर्भरण और अन्य प्रकृति-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा कई पहल की गई हैं।
