Rudrastra freight train : भारतीय रेल ने ट्रेन परिचालन में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल (दीदउ मंडल) ने मालगाड़ी संचालन के क्षेत्र में हासिल की है। दीदउ मंडल ने एशिया की सबसे लंबी (4.5 किलोमीटर) रुद्रास्त्र नामक मालगाड़ी का बृहस्पतिवार को यहां से सफलतापूर्वक संचालन किया गया।
भारतीय रेल की ऐतिहासिक उपलब्धि। तस्वीर-ANI
अब माल के त्वरित लदान और परिवहन के लिए दीदउ मंडल से धनबाद मंडल तक मालगाड़ियां भेजी जाएंगी। इससे कोयला और अन्य माल के परिवहन में आसानी होगी और समय की बचत होगी। दीदउ मंडल के ‘डिविजनल रेलवे मैनेजर’ (डीआरएम) उदय सिंह मीणा ने कहा, ‘यह एक नया प्रयोग है। इससे माल ढुलाई और लोडिंग तेज होगी। इससे न केवल संसाधनों की बचत होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी। इससे भारतीय रेलवे को फायदा होगा। रुद्रास्त्र मालगाड़ी रेलवे के रिकॉर्ड के अनुसार एशिया की सबसे लंबी मालगाड़ी है।'
मालगाड़ी में लगी थीं 354 बोगियां
उन्होंने बताया कि 'यह सबसे लंबी मालगाड़ी बृहस्पतिवार को चंदौली के गंज ख्वाजा रेलवे स्टेशन से गढ़वा झारखंड के लिए चलाई गई थी। उसने दोनों स्टेशनों के बीच 209 किलोमीटर की दूरी पांच घंटे 10 मिनट में तय की। शाम साढ़े सात बजे गढ़वा रोड रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद इसे धनबाद मंडल में प्रवेश मिला। इसकी औसत गति 40.50 किलोमीटर प्रति घंटा थी।’इस मालगाड़ी में 354 बोगियां थीं।
पूर्व मध्य रेल में कुल पांच मंडल
मीणा ने बताया कि पूर्व मध्य रेल में कुल पांच मंडल हैं, दीनदयाल उपाध्याय, धनबाद, दानापुर, समस्तीपुर और सोनपुर। इनमें से धनबाद मंडल पूर्व मध्य रेलवे के कुल माल का 90 प्रतिशत लदान करता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल अपने यहां खाली मालगाड़ियों का निरीक्षण और रखरखाव करता है। इसके बाद अच्छी और दुरुस्त मालगाड़ियां धनबाद मंडल भेजी जाती हैं। इससे वहां माल लदान के लिए मालगाड़ियां जल्दी उपलब्ध हो जाती हैं।
