Dausa Crime: रामगढ़ पचवारा गैंगरेप और हत्याकांड मामले में लालसोट स्थित एडीजे कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। एडीजे कोर्ट की न्यायाधीश ऋतु चौधरी ने आरोपी संजू मीना और कालू मीणा को फांसी की सजा से दंडित किया। बताया जा रहा है कि दौसा जिले के इतिहास में यह पहला मामला है, जिसमें किसी दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है। यह सनसनीखेज वारदात साल 2022 23 को रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र में हुई थी।
रामगढ़ पचवारा गैंगरेप और हत्याकांड मामले में लालसोट स्थित एडीजे कोर्ट ने दोनों अपराधियों को सुनाई मौत की सजा।
महिला को कार के लिफ्ट में देने के बहाने बैठाया
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जयपुर से अपने पीहर जा रही महिला को आरोपियों ने कार में लिफ्ट देने के बहाने बैठाया और उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को एक कुएं में फेंक दिया गया था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
जांच के दौरान मिले दो अहम सुराग
एसआईटी ने विस्तृत जांच कर ठोस साक्ष्य जुटाए और न्यायालय में चालान पेश किया। जांच के दौरान दो अहम सुराग हाथ लगे। एक सीसीटीवी फुटेज, जिसमें महिला को लिफ्ट देते हुए देखा गया और एक नाबालिग बच्चा जिसे आरोपियों ने रास्ते में उतार दिया था। सोशल मीडिया पर पीड़िता की गुमशुदगी की तस्वीरें वायरल होने के बाद बच्चे ने पूरी घटना की जानकारी दी, जिससे पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।
सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने इसे “दुर्लभतम से दुर्लभ” श्रेणी का अपराध बताते हुए मृत्युदंड की मांग की। न्यायालय ने गवाहों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य और अपराध की क्रूरता को आधार बनाते हुए गुरुवार को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और शुक्रवार को सजा सुनाई।
इस मामले में आरोपियों के परिजनों ने भी अदालत में उनके खिलाफ बयान दिए। फैसले के बाद पीड़िता के परिजनों और आमजन ने इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया।
दौसा एसपी सागर राणा ने कहा कि पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं है और यह फैसला अपराधियों के लिए सख्त संदेश है कि उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
