Narottam Mishra News: मध्य प्रदेश के दतिया सीट से टिकट नहीं मिलने पर भाजपा नेता एवं पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने शुक्रवार रात भारी बवाल किया। समर्थक भाजपा कार्यालय के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग डटे रहे और हंगामा किया। राजमार्ग खाली कराने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। समर्थकों के हंगामे की वजह से राजमार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम लग गया। डायवर्जन और जाम की वजह से कई वाहन दो घंटे से ज्यादा समय तक वहां फंसे रहे। जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने झांसी और ग्वालियर की ओर से आने वाले वाहनों को डायवर्ट कर बायपास मार्ग से निकाला। वहीं, नरोत्तम मिश्रा के समर्थक शनिवार को दिल्ली रवाना हो सकते हैं। समर्थक पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर अशुतोष तिवारी की जगह नरोत्तम मिश्रा को टिकट दिए जाने की मांग करेंगे।
दतिया सीट पर उपचुनाव होना है।
नाराज समर्थकों ने हाईवे 44 पर किया चक्काजाम
बता दें कि मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना भाजपा के लिए गले की फांस बन गया है। पार्टी हाईकमान के इस चौंकाने वाले फैसले के बाद दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं और नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शुक्रवार को इस फैसले से नाराज हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता नेशनल हाईवे 44 पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया।
अपनी ही पार्टी के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
हाइवे पर इकट्ठा हुए कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बड़े विरोध प्रदर्शन के कारण हाइवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और देखते ही देखते सड़कों पर सैकड़ों वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जो कार्यकर्ताओं को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहा है।
दतिया उपचुनाव में डॉ नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद भाजपा में विरोध तेज हो गया है। नाराजगी जताते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत जिला संगठन के कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। वहीं, भाजपा के सभी पार्षदों ने भी अपने पदों से इस्तीफा देकर पार्टी के फैसले के खिलाफ खुलकर विरोध दर्ज कराया।
बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा
दरअसल, दतिया से कद्दावर नेता और क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे नरोत्तम मिश्रा को इस बार टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। साल 2023 के चुनाव में भी वही पार्टी के चेहरा थे। लेकिन बीजेपी ने इस बार उनके दावे को दरकिनार करते हुए पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ता आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। हालांकि, टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने बड़े नेताओं का आभार जताते हुए कहा था कि वे नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में चुनाव लड़ेंगे, लेकिन जमीनी स्तर पर मिश्रा के समर्थक इस फैसले को पचा नहीं पा रहे हैं।
