Dallewal's condition has deteriorated: किसानों की मांगों को लेकर पिछले 42 दिन से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत सोमवार शाम को बिगड़ गई और उनका रक्तचाप गिर गया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद डॉक्टरों ने यह जानकारी दी। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति ने सोमवार को पंजाब और हरियाणा की खनौरी सीमा पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल (70) से मुलाकात की।
डल्लेवाल का अनशन
डल्लेवाल से मेडिकल सहायता लेने का अनुरोध
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश नवाब सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने डल्लेवाल से चिकित्सा सहायता लेने का अनुरोध किया। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक डल्लेवाल फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 26 नवंबर 2024 से आमरण अनशन पर हैं। डॉक्टरों ने बताया कि डल्लेवाल का रक्तचाप 80/56 तक गिर गया है और इसमें उतार-चढ़ाव हो रहा है।
डॉ. अवतार सिंह ने कहा, उनकी हालत बिगड़ गई है। उनका रक्तचाप तेजी से गिरा है। उनकी हालत देखकर हम चिंतित हैं। हम उन्हें कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं दे सकते। गैर सरकारी संगठन ‘5 रिवर्स हार्ट एसोसिएशन’ की टीम में शामिल सिंह ने कहा, हमने उनके पैर ऊपर किए जिसके बाद उनके रक्त प्रवाह में थोड़ा सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि डल्लेवाल के रक्तचाप में उतार-चढ़ाव हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार पर डाली जिम्मेदारी
20 दिसंबर को शीर्ष अदालत ने डल्लेवाल के अस्पताल में भर्ती होने पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी पंजाब सरकार के अधिकारियों और डॉक्टरों पर डाल दी थी। किसान नेताओं ने पहले कहा था कि डल्लेवाल ने अपने अनशन के दौरान कुछ भी नहीं खाया। वह सिर्फ पानी ले रहे हैं। पिछले कई दिनों के दौरान पंजाब सरकार ने अधिकारियों के माध्यम से डल्लेवाल को मनाने के कई प्रयास किए हैं कि अगर वह अपना अनशन नहीं तोड़ना चाहते हैं तो चिकित्सा सहायता लें, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
डल्लेवाल से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, हम सभी ने उनसे चिकित्सा सहायता के लिए बार-बार अनुरोध किया। हम चाहते हैं कि उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे। मैं आज यहां यह कहने नहीं आया हूं कि आंदोलन खत्म होना चाहिए, बल्कि यह कहने आया हूं कि आपका स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए। सिंह ने कहा, डल्लेवाल ने पैनल से कहा कि उनके लिए कृषि मुद्दे पहले हैं, उनका स्वास्थ्य बाद में है। बैठक के नतीजे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे उनसे केवल चिकित्सा सहायता लेने का अनुरोध कर सकते हैं।
