बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु के चलते भारत के पूर्वी तटीय राज्यों में मौसम बिगड़ने लगा है। आंध्र प्रदेश,तमिलनाडु और ओडिशा में भारी बारिश के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों से संचालित होने वाली कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के सोमवार देर रात से मंगलवार तड़के के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है।
चक्रवात मुरासु का कहर।
तूफान के संभावित असर को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और अन्य संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। ओडिशा में पहले आए चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान के बीच अब एक और तूफान की आशंका ने किसानों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तमिलनाडु और कर्नाटक ने भी बिजली आपूर्ति तथा राहत कार्यों में आंध्र प्रदेश की मदद के लिए टीमें भेजी हैं।
आधी रात के आसपास आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है तूफान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, चक्रवात मुरासु पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। उस समय यह नेल्लोर से लगभग 160 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था और करीब 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि तूफान सोमवार देर रात से मंगलवार तड़के के बीच ओंगोल और नेल्लोर के आसपास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इसके नरसापुर की ओर बढ़ने की भी संभावना जताई गई है। वहीं, जब यह तट से टकराएगा तब हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जबकि तेज झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
तूफान के प्रभाव से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की आशंका है। तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभों, तारों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को संभावित व्यवधानों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों पर 19 उड़ानें रद्द
चक्रवात के चलते खराब मौसम और तेज हवाओं की आशंका का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों से संचालित होने वाली कम से कम 19 घरेलू उड़ानें सोमवार को रद्द कर दी गईं। विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर इंडिगो की 10 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की दो उड़ानें रद्द हुईं। विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर चार और तिरुपति हवाई अड्डे पर तीन उड़ानें रद्द की गईं।चेन्नई हवाई अड्डे पर भी कुछ उड़ानें रद्द की गई हैं। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति जानने और सहायता के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। मौसम में बदलाव और उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में हवाई यात्रा करने वालों को रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
चेन्नई में भारी बारिश, स्कूलों में छुट्टी
चक्रवात मुरासु का असर तमिलनाडु के उत्तरी हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है। चेन्नई के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर जिलों में रविवार रात से ही तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने सोमवार को चेन्नई में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी। मौसम विभाग ने कहा है कि तूफान के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के दौरान चेन्नई और तिरुवल्लूर में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।इसके अलावा चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरि जिलों में भी भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, तटीय क्षेत्र में तूफान का असर पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आएगी।
आंध्र प्रदेश की मदद के लिए तमिलनाडु ने भेजीं टीमें
चक्रवात की आशंका के बीच तमिलनाडु सरकार ने आंध्र प्रदेश की मदद के लिए आपदा प्रबंधन और बिजली विभाग की टीमें भेजी हैं। राज्य की ओर से एनडीआरएफ की तीन टीमों को रवाना किया गया है, जिनमें कुल 90 कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा बिजली विभाग के 25 दलों के करीब 500 कर्मियों को जरूरी उपकरणों के साथ आंध्र प्रदेश भेजा गया है। इनका उद्देश्य तूफान से बिजली के बुनियादी ढांचे को होने वाले संभावित नुकसान से निपटना और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने में मदद करना है।कर्नाटक ने भी आंध्र प्रदेश में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 500 प्रशिक्षित बिजली कर्मचारियों को जरूरी उपकरणों के साथ तैनात करने की घोषणा की है। ये कर्मचारी चक्रवात अर्नब से क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे की मरम्मत और आपूर्ति बहाली में सहायता करेंगे।
बिजली विभाग हाई अलर्ट पर, 48 घंटे में आपूर्ति बहाल करने का लक्ष्य
आंध्र प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने चक्रवात मुरासु को देखते हुए बिजली वितरण कंपनियों को हाई अलर्ट पर रखा है। ऊर्जा मंत्री जी. रवि कुमार ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए। मंत्री ने बिजली के खंभे, कंडक्टर, ट्रांसफॉर्मर, केबल और अन्य जरूरी उपकरण पर्याप्त मात्रा में रणनीतिक स्थानों पर उपलब्ध रखने को कहा है, ताकि नुकसान होने की स्थिति में मरम्मत का काम तुरंत शुरू किया जा सके।अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त कर्मचारियों, वाहनों और मशीनों की तैनाती करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बिजली की लाइनों पर लटक रही खतरनाक पेड़ों की शाखाओं को हटाने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी कदम उठाने को कहा गया है।
ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया कि मौसम और सुरक्षा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति 48 घंटे के भीतर बहाल करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि वे टूटे हुए बिजली के तारों या क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों के पास न जाएं।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी अधिकारियों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुरासु का प्रभाव पिछले चक्रवात अर्नब की तुलना में सीमित रह सकता है, क्योंकि शुरुआती अनुमानों में हवा की गति और बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना जताई गई है।
ओडिशा के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात मुरासु के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, 3 और 4 नवंबर को इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने पुरी, खुर्दा और नयागढ़ में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक, कटक, केंद्रापड़ा और मयूरभंज समेत कई जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
आईएमडी भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती के मुताबिक, मुरासु के प्रभाव से अगले 24 घंटे और 3 नवंबर को दक्षिण ओडिशा के पांच जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। 4 नवंबर को कोरापुट और मलकानगिरी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को सोमवार शाम से 4 नवंबर की दोपहर तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा के तटीय समुद्री क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह दी है। दक्षिण ओडिशा के तट पर हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
राज्य के कुछ दक्षिणी जिलों में स्कूल और कॉलेज 3 नवंबर तक बंद रखने की घोषणा की गई है। प्रशासन ने तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
300 से अधिक बचाव दल तैनात, संवेदनशील इलाकों से लोगों को हटाने की तैयारी
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि मुरासु का संभावित लैंडफॉल आंध्र प्रदेश के तट पर होगा, लेकिन इसका असर ओडिशा के कई हिस्सों में पड़ सकता है। खासकर गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में सतर्कता बढ़ाई गई है। ये जिले कुछ दिन पहले आए चक्रवात अर्नब से भी प्रभावित हुए थे। एनडीआरएफ, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और अग्निशमन सेवा के 300 से अधिक बचाव दलों को तैयार रखा गया है।ओडिशा में खराब मौसम के कारण पहले से चल रहे खोज अभियान पर भी असर पड़ने की आशंका है। भूस्खलन में लापता हुए 10 लोगों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि एक ओर लापता लोगों को खोजा जाए, वहीं दूसरी ओर नए चक्रवात के खतरे से भी निपटा जाए। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल के मुताबिक, चक्रवात अर्नब और उसके बाद आई बाढ़ से राज्य में करीब 1.18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 75,388 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ और 1,672 मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसल क्षति का अनुमान करीब 90,000 हेक्टेयर क्षेत्र तक लगाया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात अर्नब से प्रभावित लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मुरासु के गुजरने के बाद नए सिरे से नुकसान का आकलन किया जाएगा और जरूरत के अनुसार राहत पैकेज की समीक्षा होगी।
ओडिशा में 8 ट्रेनें रद्द
रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। सुरक्षा से जुड़े आधुनिकीकरण कार्यों के चलते रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) ने इसकी जानकारी अपने आधिकारिक X हैंडल पर दी है। रेलवे के अनुसार, चक्रधरपुर डिवीजन में सुरक्षा संबंधी आधुनिकीकरण कार्यों के कारण 3 और 4 नवंबर को कई ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहेंगी।रद्द रहने वाली ट्रेनों की सूची-
- 22861 हावड़ा–कांटाबांजी एक्सप्रेस: 3 नवंबर
- 22862 कांटाबांजी–हावड़ा एक्सप्रेस: 4 नवंबर
- 18107 राउरकेला–जगदलपुर एक्सप्रेस: 3 नवंबर
- 18108 जगदलपुर–राउरकेला एक्सप्रेस: 4 नवंबर
- 18125 राउरकेला–पुरी एक्सप्रेस: 3 नवंबर
- 18126 पुरी–राउरकेला एक्सप्रेस: 3 नवंबर
- 22839 राउरकेला–भुवनेश्वर एक्सप्रेस: 3 नवंबर
- 22840 भुवनेश्वर–राउरकेला एक्सप्रेस: 3 नवंबर
(ओडिशा से सतीश दास के इनपुट और एजेंसी इनपुट के साथ)
