नई दिल्ली: दिल्ली समेत पूरे देश के सिनेमाघरों में अब पहले जैसी रौनक नहीं रही। कभी वीकेंड पर लंबी कतारों और हाउसफुल बोर्ड से चमकते सिनेमा हॉल अब दर्शकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। एक तरफ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नई-नई फिल्में और वेब सीरीज़ की भरमार है, तो दूसरी ओर सिनेमा मालिक टिकटों पर भारी GST और बढ़ते खर्चों से परेशान हैं।
CTI ने PM मोदी को लिखा पत्र (PHOTO-iStock)
कोरोना महामारी के बाद से हालात और भी खराब हो गए हैं। अब दर्शकों की प्राथमिकता बदल चुकी है. वे सिनेमाघर जाने के बजाय अपने घर की सुविधा में, मोबाइल या टीवी पर ही फिल्में देखना पसंद कर रहे हैं। साल 2025 में अब तक बस 2-4 फिल्में ही ऐसी आई हैं जिन्होंने हिट का दर्जा पाया । जैसे छावा, सैय्यारा और रेट 2। बाकी फिल्मों की तो लागत भी नहीं निकल पा रही।
सिनेमाघरों को राहत देने की अपील
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सिनेमाघरों को राहत देने की अपील की है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में टिकट पर 12 से 18 प्रतिशत तक GST लग रहा है, जो दर्शकों के लिए टिकट को महंगा बना रहा है।
CTI की मांग है
- 200 रुपये तक के टिकट पर सिर्फ 5% GST हो
- 200 रुपये से ऊपर के टिकट पर 12% GST लागू हो
अगर सरकार इस पर विचार करती है, तो एक टिकट पर 40 से 50 रुपये तक की राहत मिल सकती है। इससे दर्शकों का रुझान सिनेमाघरों की ओर फिर से लौट सकता है, और थिएटर मालिकों को नई ऊर्जा मिल सकती है। बृजेश गोयल के अनुसार "अब दर्शक पूरे साल में एक या दो फिल्मों के लिए ही सिनेमाघर जाते हैं। सिनेमा चलाना अब शौक नहीं, घाटे का सौदा बनता जा रहा है। समय आ गया है कि सरकार मनोरंजन उद्योग को भी टैक्स राहत दे, जिससे यह सेक्टर फिर से खड़ा हो सके।”
