देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने अब तक के सबसे बड़े परिचालन संकट का सामना कर रही है। सोमवार को भी देश भर के कई हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानों में देरी और रद्दीकरण जारी है, जिससे हवाई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया है कि आज भी इंडिगो ने बड़े पैमाने पर उड़ानों को रद्द किया है। मंत्रालय ने बताया कि संकटग्रस्त घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो ने 500 उड़ानें रद्द कर दी हैं और सोमवार को 1,802 उड़ानें संचालित करने की योजना है।
इंडिगो ने आज भी रद्द की 500 फ्लाइट। (PTI Photo)
17 दिनों में रद्द साढ़े नौ लाख से ज्यादा दिकट
इसमें यह भी कहा गया है कि 1-7 दिसंबर की अवधि के लिए 5,86,705 पीएनआर रद्द किए गए और कुल 569.65 करोड़ रुपये वापस किए गए। 21 नवंबर से 7 दिसंबर की अवधि के लिए कुल 9,55,591 पीएनआर भी रद्द किए गए और कुल 827 करोड़ रुपये वापस किए गए।
यात्रियों को 4500 बैग लौटाए गए
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सोमवार को इंडिगो 138 में से 137 गंतव्यों के लिए 1,802 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। इनमें 500 उड़ानें रद्द होंगी। कुल 9,000 बैगों में से 4,500 बैग ग्राहकों तक पहुंचा दिए गए हैं। एयरलाइन ने अगले 36 घंटों में शेष बैग पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
दिल्ली हवाई अड्डे ने जारी की थी एडवाइजरी
इससे पहले आज सुबह ही दिल्ली हवाई अड्डे ने यात्रियों को चेतावनी देते हुए एक एडवाइजरी जारी की है कि एयरलाइन की उड़ानों में अभी भी व्यवधान आ सकता है। दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एक परामर्श जारी किया है- इंडिगो की उड़ानों में देरी जारी रह सकती है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की नवीनतम स्थिति की जांच कर लें।
रेलवे भी चला रहा स्पेशल ट्रेनें
वहीं, इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बीच रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री देखे जा रहे हैं।
रविवार को 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने रविवार को 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द कीं, जबकि दो दिन पहले यह संख्या 1000 से अधिक थी। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित यात्रियों के लिए 610 करोड़ रुपये से ज्यादा के टिकट रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कंपनी के अनुसार, यह संकट मुख्य रूप से पायलटों के आराम संबंधी सरकारी नियमों, जिन्हें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के रूप में जाना जाता है, के कार्यान्वयन के बाद कॉकपिट क्रू की कमी के कारण शुरू हुआ था। चूंकि इसके कारण बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुईं और देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी मच गई, इसलिए सरकार ने हस्तक्षेप किया और इस नियम पर रोक लगा दी। एयरलाइन को उम्मीद है कि 10 दिसंबर तक परिचालन सामान्य हो जाएगा।
इंडिगो के सीईओ को कारण बताओ नोटिस की सीमा बढ़ाई
रविवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोरक्वेरस को उड़ान व्यवधानों के संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए समय सीमा बढ़ा दी। दोनों को अपना जवाब देने के लिए 24 घंटे या सोमवार शाम 6 बजे तक का अतिरिक्त समय दिया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अब तक कई कदम उठाए हैं, जिनमें हवाई किराए की सीमा तय करना और इंडिगो को टिकट वापसी प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देना शामिल है। इस संकट की एक उच्च-स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि इसकी जिम्मेदारी एयरलाइन की है और उड़ान पायलट की ड्यूटी लगाने का निर्देश एक साल पहले जारी किया गया था।
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन लड़खड़ाई
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने अब तक के सबसे बड़े परिचालन संकट के कारण सैकड़ों उड़ानों को रद्द कर दिया। नए नियमों के तहत पायलटों की ड्यूटी समय सीमा में बदलाव और इंडिगो के ''लीन-स्टाफिंग'' मॉडल ने मिलकर संकट को जन्म दिया।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने उड़ान ड्यूटी समय-सीमा (FDCL) नियमों में बदलाव किए। नए नियमों के तहत पायलटों का साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे किया गया, रात में उड़ानों की संख्या सीमित की गई, और लगातार रात की ड्यूटी को केवल दो तक सीमित किया गया। इससे प्रत्येक पायलट द्वारा संचालित उड़ानों की संख्या में काफी कमी आई।
इंडिगो ने अपने एयरबस ए320 बेड़े के लिए 2,422 कप्तानों की आवश्यकता बताई थी, लेकिन केवल 2,357 कप्तान उपलब्ध थे और 'फर्स्ट ऑफिसर्स' में भी कमी थी। इसके साथ ही एयरलाइन का उच्च विमान उपयोग और रात की उड़ानों पर निर्भरता वाला मॉडल काम नहीं आया, जिसके कारण दो दिसंबर से बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने लगीं।
