Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा पर सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह राज्य में हो रही हिंसा को रोके।
मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर ममता बनर्जी पर लगे गंभीर आरोप।
'वक्फ की जमीन को हड़पना चाहती है भाजपा सरकार'
सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा, 'वक्फ कानून हमारे देश के संविधान और अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। यह कानून आरएसएस की एंटी-माइनॉरिटी फिलॉसफी से प्रेरित है। हर तरह से अल्पसंख्यकों पर हमला हो रहा है और यह हमला भी उनमें से एक है। वक्फ को एक रात में नहीं बनाया गया है बल्कि हजारों साल से मौजूद है, जिसे एक धार्मिक नीति के आधार पर बनाया गया है। कोई भी शख्स ईश्वर के नाम पर अपनी संपत्ति को दान करता है और फिर वह संपत्ति ईश्वर की हो जाती है, जिसे न तो कोई खरीद सकता है और न ही कोई दान कर सकता है। मगर, भाजपा सरकार वक्फ की जमीन को हड़पना चाहती है।'
मुर्शिदाबाद हिंसा के लिए ममता बनर्जी को ठहराया जिम्मेदार
उन्होंने कहा, 'वक्फ कानून को लेकर पूरे देश में अलग-अलग जगह पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। बंगाल में भी प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन ये प्रदर्शन अब हिंसक हो चुके हैं। ममता बनर्जी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस हिंसा को रोके। ममता सरकार में लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर कुछ नहीं बचा है। वहां खून-खराबा हो रहा है और महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है। इतना ही नहीं, पुलिस लोगों पर लाठी चार्ज कर रही है। मैं भी चाहता हूं कि आंदोलन शांतिपूर्ण हो और यह राज्य सरकार के ऊपर है कि वह कानून को लागू करती है या नहीं।'
हन्नान मोल्लाह ने मुर्शिदाबाद हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'यह बेहद निंदनीय है। वहां चल रहे विरोध प्रदर्शन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसी वजह से कलकत्ता हाई कोर्ट ने केंद्रीय बलों की तैनाती करने का निर्देश दिया है। ममता बनर्जी के राज में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से फेल हो चुका है।'
शराबबंदी के मुद्दे पर सीपीआई (एम) नेता ने लगाया गंभीर आरोप
बिहार में शराबबंदी पर सीपीआई (एम) नेता ने कहा, 'शराबबंदी एक नाटक है, फिर चाहे वह बिहार में हो या फिर गुजरात में। यह कई सालों से चल रहा है, जब शराबबंदी होती है तो ज्यादा शराब सप्लाई होती है। इसकी वजह से कालाबाजारी होती है, जहां पर शराबबंदी हुई वहां पर जमकर कालाबाजारी हो रही है। पीने वाले कम नहीं हो रहे हैं। इस तरीके के नाटकों को बंद करना चाहिए। शराब पर नियंत्रण होना चाहिए और इसका सही ढंग से व्यापार होना चाहिए। अगर गलत तरीके से इसका इस्तेमाल हो रहा है तो उस पर राज्य सरकार को नियंत्रित करना चाहिए।'
