Corona Cases in kerala, Bangalore, karnataka Updates Today: देश में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि रविवार को देश भर में कोरोना के 335 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही देश में कोविड से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1,701 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक हाल के दिनों में कोरोना से पांच लोगों की मौत हुई है। संक्रमण की वजह से केरल में चार लोगों और एक व्यक्ति की मौत उत्तर प्रदेश में हुई है। केरल में ही कोविड का सब-वैरियंट JN.1 का पता चला है।
केरल में कोरोना संक्रमण के अभी सबसे ज्यादा केस।
देश में कुल मामलों की संख्या 4.50 करोड़
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना से मृतकों की संख्या बढ़कर 5,33,316 हो गई है जबकि देश में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या 4.50 करोड़ (4,50,04,816) है। आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,44,69,779 हो गयी है और स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है। संक्रमण से जान गंवाने की दर 1.19 फीसदी है। मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, देश में अभी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत 220.67 करोड़ खुराकें दी गयी हैं।
केरल में 79 साल की महिला में मिला JN.1 सब वैरिएंट
बीते दिनों केरल की 79 साल की एक महिला कोविड के नए सब वैरिएंट JN.1 से संक्रमित पाई गई। काराकुलम की इस महिला में इंफ्लुएंजा के हल्के लक्षण दिखे थे जिसके बाद इसकी आरटी-पीसीआर जांच की गई। महिला कोविड-19 से भी संक्रमित हुई थी लेकिन इससे वह ऊबर गई। हालांकि केरल के स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि राज्य में मिला सब वैरियंट जेएन.1 चिंता का विषय नहीं है। जॉर्ज ने बताया कि यह वैरिएंट महीनों पहले सिंगापुर एयरपोर्ट पर एक भारतीय यात्री में मिला था। केरल में हुए जिनोम सिक्वेसिंग में इस वैरिएंट की पहचान हुई। चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। इस पर करीबी नजर रखी जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को सावधान रहने के लिए कहा है।
कर्नाटक एवं तमिलनाडु की सरकारें अलर्ट
केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्नाटक एवं तमिलनाडु की सरकारें हरकत में आ गई हैं। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने रविवार को कहा कि सब वैरिएंट को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है। राव ने कहा कि अधिकारियों के साथ बैठक में उनसे आरटी-पीसीआर, रैपिड एंटिजन टेस्ट एवं वीटीएम टेस्टिंग किट खरीदने के लिए कहा गया। सभी अस्पतालों में बिस्तर, आईसीयू बेड्स एवं ऑक्सीजन एवं दवाओं की उपलब्धता का आंकलन करने के लिए मॉक ड्रिल किया गया।
कर्नाटक में 58 एक्टिव केस
कर्नाटक में फिलहाल कोरोना संक्रमण के अभी 58 एक्टिव केस हैं। इनमें से 11 अस्पताल में हैं जबकि संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत हुई। हालांकि, इस व्यक्ति को अन्य बीमारियां थीं। मंत्री ने बताया कि बीते तीन महीनों में कोविड-19 की वजह से एक व्यक्ति की मौत हुई। केरल में इस समय कोरोना संक्रमण के 1, 324 केस हैं। संक्रमण की यहां दर देश में सबसे अधिक है। केरल में 700 से 1000 कोविड टेस्ट रोजाना हो रहे हैं। यहां टेस्टिंग रेट भी देश में सबसे ज्यादा है।
कर्नाटक में कोरोना के 6 एक्टिव केस
कर्नाटक में केरल के मुकाबले कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले काफी कम हैं। राज्य में एक्टिव केस की संख्या छह है। कोरोना की दस्तक के बाद से राज्य में संक्रमण के 40,88,727 मामले सामने आए जिनमें से उपचार के बाद 40,48,364 लोग ठीक हो गए जबकि 40,315 लोगों की मौत हुई।तमिलनाडु में 15 दिसंबर तक कोरोना के 15 मामले
तमिलनाडु में 15 दिसंबर तक कोरोना वायरस के 36 मामले सामने आए थे। यहां भी कोरोना से बचाव के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम ने शनिवार को कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
कोविड के नए सब वैरिएंट पर WHO ने क्या कहा
श्वास से जुड़ी बीमारियों में आई तेजी एवं कोविड के नए सब-वैरिएंट JN.1 के सामने आने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि यह वायरस नया रूप ले रहा है और बदल रहा है। डब्ल्यूएचओ ने अपने सदस्य देशों से वायरस पर निगरानी बढ़ाने एवं सिक्वेसिंग की जानकारी उसके साथ साझा करने के लिए कहा है। X पर अपने एक पोस्ट में WHO ने कहा कि वह हालात का जायजा ले रहा है। छुट्टियों के मौसम में अपने परिवार एवं दोस्तों को सुरक्षित रखने के लिए हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह का पालन करें।
डब्ल्यूएचओ में कोविड टेक्निक टीम की लीड मारिया वैन केरखोवे ने कहा कि कोविड 19, फ्लू, राइनोवायरस, माइकोप्लाजमा न्यूमोनिया सहित अन्य रोगाणुओं की वजह से दुनिया भर में श्वास संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं। सार्स कोविड-2 अपना स्वरूप बदल रहा है और यह जेएन.1 के रूप में सामने आया है। इसके बढ़ने के केस सामने आ रहे हैं।
