Israel Lebanon Conflict: कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इजराइली शासन के साथ खड़े होकर भारत के पारंपरिक रुख और मानवीय मूल्यों के साथ विश्वासघात किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि गाजा में इजराइल के ''नरसंहार'' और लेबनान पर बमबारी को लेकर प्रधानमंत्री की ''चुप्पी'' नैतिक कायरता है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (फाइल फोटो)
PM मोदी पर बरसे जयराम रमेश
रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''गाजा में इजराइल द्वारा जारी नरसंहार और लेबनान पर भारी बमबारी पर अपनी चुप्पी से प्रधानमंत्री नैतिक कायरता का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में लाखों फलस्तीनियों के विस्थापन पर भी पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।''
उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसी कोई सरकार नहीं है जिसने ''हत्यारे इजराइली शासन'' के साथ इतनी एकजुटता दिखाई हो जितनी मोदी सरकार ने दिखाई है। रमेश ने दावा किया कि मोदी सरकार ने पारंपरिक भारतीय सिद्धांतों और रुख के साथ ही सभी मानवीय मूल्यों के साथ विश्चासघात किया है।
इजरायल-लेबनान के बीच शांति वार्ता
इजरायल और लेबनान के बीच वाशिंगटन में अगले दौर की शांति वार्ता हो रही है। इससे पहले, इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने लेबनान से ईरान समर्थित चरमपंथी समूह हिज्बुल्ला को तबाह करने के लिए तेल अवीव के साथ मिलकर काम करने का बुधवार को आग्रह किया था।
गिदोन सार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इजरायल के राजनयिक दल को संबोधित करते हुए कहा, "हमारे लेबनान के साथ कोई गंभीर मतभेद नहीं हैं। कुछ छोटे-मोटे सीमा विवाद हैं, जिन्हें सुलझाया जा सकता है।" उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच शांति और समान रिश्तों की बहाली में एक ही बाधा है और वह है हिजबुल्लाह।" सार ने कहा कि लेबनान का "एक संप्रभु, स्वतंत्र और ईरान के प्रभाव से मुक्त देश के रूप में सुनहरा भविष्य हो सकता है।"
