अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के एक बेहद विवादित सोशल मीडिया विज्ञापन को लेकर भारत की राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस विज्ञापन को भारतीय लोगों की गरिमा और स्वाभिमान का सीधा अपमान करार दिया है। इसके साथ ही, विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
अमेरिकी विज्ञापन विवाद पर मोदी सरकार पर बरसी कांग्रेस (फाइल फोटो)
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस वाले व्यावसायिक चालकों के खिलाफ एक अभियान के तहत 'एक्स' (ट्विटर) पर एआई से बनी एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में भूरी दाढ़ी वाले एक व्यक्ति को दिखाया गया और साथ में लिखा गया, "हमारी सड़कों से दफा हो जाओ, 'मिस्टर सिंह' आपको गाड़ी चलाना नहीं आता।" अमेरिकी नागरिक अधिकार समूहों ने तुरंत इसे नस्लवादी और भेदभावपूर्ण बताते हुए इसका विरोध किया। भारी दबाव के बाद इस पोस्ट को हटाना पड़ा, हालांकि विभाग अब भी अपने रवैये का बचाव कर रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति या सिख समुदाय का अपमान नहीं है, बल्कि दुनिया भर में रहने वाले हर भारतीय नागरिक की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना है। रमेश ने सवाल किया कि इतनी बड़ी अभद्रता और नस्ली रूढ़िवादिता के बाद भी भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कड़ा विरोध दर्ज क्यों नहीं कराया गया?
जयराम रमेश ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका में भारतीयों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। इससे पहले भी भारतीयों को बेड़ियों और हथकड़ियों में सैन्य विमानों से भारत वापस भेजा गया था, तब भी सरकार ने अपनी आवाज मजबूती से नहीं उठाई थी। इसके अलावा अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए एकतरफा अतिरिक्त शुल्कों से देश के आर्थिक और सामरिक हितों को नुकसान पहुंचा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को 'विश्व गुरु' के रूप में पेश करती है, उसके दौर में देश की कूटनीतिक ताकत कमजोर पड़ती दिख रही है। पार्टी का कहना है कि किसी भी देश से दोस्ती अपनी जगह सही है, लेकिन राष्ट्रहित, संप्रभुता और देशवासियों का सम्मान सबसे ऊपर होना चाहिए। अब जनता सरकार से जवाब चाहती है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों की रक्षा में बार-बार ढील क्यों दे रही है।
