कांग्रेस (Congress) और राजस्थान (Rajasthan) संकट के बीच सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पार्टी की अंतरिम चीफ सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से भेंट करेंगे पर उन्होंने इससे पहले बड़ा दावा किया है। कहा है कि जो कुछ भी चल रहा है, वह सब घर के अंदर की बातें और वे लोग यह सब सुलझा लेंगे। इस बीच, कांग्रेस के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामिनेशनल फाइल कर सकते हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा- मैं इंदिरा गांधी के समय से देखता आ रहा हूं। हमेशा पार्टी में अनुशासन है। इसलिए पार्टी के चाहे 44 सांसद आएं या 52 आएं, लेकिन पूरे देश में वह राष्ट्रीय पार्टी है और उसकी नेता सोनिया गांधी हैं।
गहलोत बुधवार (28 सितंबर, 2022) रात दिल्ली पहुंचे और सोनिया के नेतृत्व की सराहना करते नजर आए। हवाई अड्डे पर उन्होंने पत्रकारों को बताया, ‘‘मैं इंदिरा गांधी के समय से देखता आ रहा हूं। हमेशा पार्टी में अनुशासन है। इसलिए पार्टी के चाहे 44 सांसद आएं या 52 आएं, लेकिन पूरे देश में वह राष्ट्रीय पार्टी है और उसकी नेता सोनिया गांधी हैं। उनके अनुशासन में पूरे देश में कांग्रेस है... ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं।’’
उनका कहना था, ‘‘मेरा दृष्टिकोण कुछ अलग हो सकता है, (लेकिन) हम सबके दिल के अंदर नंबर एक बात होती है कि हम कांग्रेस अध्यक्ष के अनुशासन में काम करते हैं। मेरे हिसाब से, आने वाले वक्त में फैसले होंगे।’’ गहलोत ने आगे भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा और कहा, ‘‘आज देश के ऊपर संकट है, उसे मीडिया को पहचानना चाहिए। आज पत्रकार और लेखक संकट में हैं। देशद्रोह के नाम पर लोग जेल भेजे जा रहे हैं। हमें उन लोगों की चिंता है जिनके लिए राहुल गांधी (भारत जोड़ो यात्रा पर) निकल पड़े हैं। महंगाई, बेरोजगारी और देश में चल रही तानाशाही प्रवृत्ति की राहुल गांधी को चिंता है और हम सबको चिंता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए इनसे (समस्याओं से) मुकाबला करना ज्यादा जरूरी है। ये (सियासी संकट) घर की बातें हैं, आतंरिक राजनीति में चलता रहता है, ये हम सब सुलझा लेंगे।’’ पार्टी की राजस्थान इकाई में सियासी संकट पैदा होने के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा है। माना जा रहा है कि वह गांधी से मुलाकात कर मौजूदा गतिरोध पर विराम लगाने की कोशिश करेंगे।
सूबे में इस संकट के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की गहलोत की संभावना को झटका लगा है। इस बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह इस चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सिंह बुधवार रात केरल से दिल्ली को रवाना हुए। गुरुवार को वह नामांकन दाखिल कर सकते हैं। वहीं, लोकसभा सदस्य शशि थरूर भी 30 सितंबर को नामांकन दाखिल करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की गई और नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 24 सितंबर से आरम्भ हुई, जो 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
