Monsoon Session: राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस सांसद रेणका चौधरी ने सरकार को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आठ अलग-अलग देशों का दौरा किया, लेकिन उन्हें पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों से मिलने का समय नहीं मिला। कांग्रेस सांसद ने पीएम मोदी पर तीखे हमले करते हुए कहा कि वह न संसद में आएंगे और न सच समझाएंगे। इस दौरान उन्होंने 2001 में संसद में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
जयशंकर ने रखा सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिये भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का जवाब दिया और जब भी पाकिस्तान हमला करेगा, हम उसे ऐसा ही करारा जवाब देंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में ‘‘पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा’’ को आगे बढ़ाते हुए यह भी कहा कि भारत ने बरसों बरस आतंकवाद का दंश सहा है और ऑपरेशन सिंदूर से हमने लक्ष्य हासिल किए।
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उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुआ आतंकी हमला पूरी तरह अस्वीकार्य था। उन्होंने कहा कि इस हमले में लक्ष्मण रेखा लांघी गई और 26 बेकसूर लोगों को उनका धर्म पूछ-पूछ कर मौत के घाट उतार दिया गया। उन्होंने कहा कि इस हमले के दोषियों को जवाबदेह ठहराना और पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक था। उन्होंने कहा ‘‘ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद पर भारत का जवाब है और आतंकवाद पर भारत के जवाब को पूरी दुनिया ने देखा।’’
'पीड़ितों से माफी मांगे सरकार'
इससे पहले सपा सांसद जया बच्चन ने सरकार पर आम लोगों से छल करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि उसे पहलगाम हमले के पीड़ितों से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि जम्मू कश्मीर में सब कुछ सामान्य होने का दावा सरकार ने ही किया था। जया ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा ‘‘यह अजीब सा लगता है कि आतंकियों ने किस तरह धर्म पूछ कर लोगों को उनके अपनों के सामने मार डाला।’’ सपा सदस्य ने कहा कि पहलगाम हमले में जान गंवाने वालों की पत्नियों, बहनों का सिंदूर तो उजड़ गया लेकिन सरकार ने जवाबी कार्रवाई का नाम ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ क्यों रखा?
