व्हिप का झंझट: पार्टी लाइन से हटकर वोट करने की मिले आजादी; कांग्रेस सांसद ने लोकसभा में पेश कर दिया विधेयक

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  • Updated Dec 7, 2025, 05:54 PM IST

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण निजी विधेयक पेश किया है। इसमें उन्होंने मांग की है कि सांसदों को ‘व्हिप के बंधन’ से राहत दी जाए, ताकि वे पार्टी लाइन से हटकर भी स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें। इससे पहले 2010 और 2021 में भी इसी तरह का विधेयक वे सदन के पटल पर रख चुके हैं।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सांसदों को ‘व्हिप के झंझट' से मुक्ति दिलाने के लिए लोकसभा में एक विधेयक पेश किया है। इसमें उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि अच्छे कानून बनाने के लिए सांसदों को व्हिप से मुक्त किया जाए, ताकि वे पार्टी लाइन से हटकर भी वोट कर सकें। शुक्रवार को 'दलबदल रोधी कानून' में संशोधन के लिए गैर सरकार विधेयक प्रस्तुत करने वाले तिवारी कहा कि इस विधेयक का मकसद यह पता लगाना है कि लोकतंत्र में असली प्राथमिकता उस आम मतदाता की होनी चाहिए,जो अपने प्रतिनिधि को चुनने के लिए घंटों धूप में खड़ा रहता है न कि उस राजनीतिक दबाव की,जो सांसदों को व्हिप मानने के लिए मजबूर करता है।

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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (संसद टीवी)

क्या है विधेयक का उद्देश्य?

कांग्रंस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि उनके प्रस्ताव का उद्देश्य है कि सांसदों को ऐसे सभी विधेयकों और प्रस्तावों पर स्वतंत्र रूप से वोट देने की आजादी मिले,जो सरकार की स्थिरता से सीधे तौर पर जुड़े नहीं हैं। वोटिंग में पार्टी लाइन से हटने पर सदस्यता तभी समाप्त होनी चाहिए,जब मामला अविश्वास प्रस्ताव, स्थगन प्रस्ताव, वित्त विधेयक या किसी महत्वपूर्ण वित्तीय मामलों से संबंधित मुद्दे हों। उन्होंने जोर दिया कि बाकी सभी विषयों पर सांसदों को अपने विवेक,निर्वाचन क्षेत्र की अपेक्षाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए फैसला करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। तिवारी ने कहा कि इस विधेयक का दोहरा उद्देश्य है पहला यह कि सरकार की स्थिरता सुनिश्चित रहे, और दूसरी कि सांसदों को वैधानिक स्वतंत्रता भी मिले, ताकि वे पार्टी नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ के अनुरूप वोट कर सकें। उन्होंने माना कि व्हिप की अनिवार्यता कम करने से संसद में वास्तविक बहस और गुणवत्ता वाली कानून-निर्माण प्रक्रिया मजबूत होगी।

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