वायनाड भूस्खलन को लेकर सरकार और कांग्रेस आमने सामने है। गृह मंत्री अमित शाह के अर्ली वार्निंग वाले बयान को लेकर अब कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया है। जयराम रमेश ने दावा किया है कि अमित शाह ने सदन को इस मामले पर गुमराह किया है।कांग्रेस नेता ने कहा कि यह स्थापित हो चुका है कि किसी मंत्री या सदस्य द्वारा सदन को गुमराह करना विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश
जयराम रमेश ने क्या कहा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव का नोटिस दिया और आरोप लगाया कि वायनाड में भूस्खलन की घटना के संदर्भ में शाह ने यह बोलकर सदन को गुमराह किया कि केंद्र की ओर से केरल सरकार को पहले सतर्क कर दिया गया था।
अमित शाह ने क्या कहा था
गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में कहा था कि केरल में भूस्खलन की विनाशकारी घटना से सात दिन पहले ही राज्य सरकार को पूर्व चेतावनी दे दी गयी थी और 23 जुलाई को एनडीआरएफ की नौ टीमों को भी वहां रवाना कर दिया गया था, राज्य सरकार यदि इन टीमों को देखकर भी ‘अलर्ट’ हो गयी होती तो काफी कुछ बच सकता था।
जयराम रमेश का दावा
राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक रमेश ने सभापति को सौंपे नोटिस में कहा कि 31 जुलाई, 2024 को राज्यसभा में वायनाड भूस्खलन पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में गृह मंत्री ने कई दावे किए और मीडिया में इन दावों की पड़ताल दी गई। रमेश ने कहा- ‘‘यह स्पष्ट है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा जारी प्रारंभिक चेतावनियों पर अपने बयानों से राज्यसभा को गुमराह किया। उनकी बात असत्य साबित हुई है। इन परिस्थितियों में, हम कहना चाहते हैं कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।’’
