कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने केंद्र की मोदी सरकार की ‘समुद्र मंथन योजना’ को लेकर बड़ा हमला बोला है। गोहिल ने आरोप लगाया कि 84,084 करोड़ रुपये की यह योजना देशहित में नहीं बल्कि निजी कंपनियों और प्रधानमंत्री के मित्र अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है। गोहिल ने कहा कि समुद्र मंथन योजना से देश की जनता के हिस्से में जहर और अडानी के हिस्से में अमृत आएगा।
पूर्व सांसद शक्ति सिंह गोहिल।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तेल और गैस की खोज की लागत का 50 प्रतिशत निजी कंपनियों को देगी, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ONGC को मजबूत करने और उसे संसाधन देने के बजाय निजी क्षेत्र को फायदा पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि समुद्र के बीच कुआं वास्तव में बना या नहीं, कितना गहरा बना और उस पर कितना खर्च हुआ, इसकी जांच आम आदमी के लिए संभव नहीं होगी। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार की आशंका से जुड़ा मामला बताया।
समुद्र मंथन योजना से अडानी समूह को सीधे फायदा
शक्तिसिंह गोहिल ने अडानी-वेलस्पन एक्सप्लोरेशन लिमिटेड के पास मौजूद तेल और गैस ब्लॉकों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि समुद्र मंथन योजना से अडानी समूह को सीधे फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि तेल और गैस अन्वेषण के लिए 84,084 करोड़ रुपये निजी कंपनियों के बजाय ONGC को दिए जाने चाहिए।
तत्काल प्रभाव से खत्म हो समुद्र मंथन योजना
गोहिल ने समुद्र मंथन योजना को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की मांग की है। साथ ही गुजरात की GSPC से जुड़े 27,000 करोड़ रुपये के मामले में CAG द्वारा उठाए गए सवालों की न्यायिक जांच की मांग भी की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि पिछले तीन वर्षों में देश में उपलब्ध तेल और गैस की मात्रा में कमी क्यों आई है। उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि जब देश में रोजगार का संकट है तो 84,084 करोड़ रुपये निजी कंपनियों को क्यों दिए जा रहे हैं। शक्तिसिंह गोहिल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस द्वारा उठाए गए आरोपों में कुछ भी गलत है तो सरकार को इस मुद्दे पर सार्वजनिक मंच पर बहस करनी चाहिए।
