Leader of Opposition in Rajya Sabha: 10 साल बाद कांग्रेस को लोकसभा में नेता विपक्ष का पद इस बार मिला, जिसे राहुल गांधी संभाल रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने राज्यसभा में भी नेता विपक्ष की कुर्सी सुरक्षित कर ली है, ये सवाल तब शुरू हुआ जब लोकसभा चुनाव के वक्त केसी वेणुगोपाल (राजस्थान) और दीपेंद्र हुड्डा (हरियाणा) ने अलपूझा और रोहतक से लोकसभा चुनाव जीता है।
लोकसभा में नेता विपक्ष का पद राहुल गांधी संभाल रहे हैं
जिससे कांग्रेस की राज्यसभा में सांसद की संख्या 29 से 27 हो गई हालांकि उच्च सदन में विपक्ष के नेता के पद के लिए 25 की संख्या होनी चाहिए और कांग्रेस इस आकंडे से दो ज़्यादा है, अभी राज्यसभा में विपक्ष के नेता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिक़ार्ज़ुन खरगे हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को सता रहा था राज्यसभा में विपक्ष की कुर्सी खोने का डर
लोकसभा चुनाव के वक़्त जब कांग्रेस चुनाव लड़ने के लिए जिताऊ उम्मीदवार तलाश रही थी उस वक़्त राज्यसभा सांसदों का नाम सामने आया था तब शीर्ष नेताओं ने ये तर्क दिया था। इसके पीछे कारण ये है कि अलग-अलग राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हारी है और वहां से पार्टी को राज्यसभा नहीं मिल रहा है अगर राज्यसभा सांसद भी लोकसभा चुनाव लड़े तो जो ख़ाली हुई सीट भी कांग्रेस के हाथ से निकल जाएगी वहीं राज्यसभा के नियम के अनुसार किसी पार्टी को उच्च सदन में नेता विपक्ष का पद पाने के लिए सदन की कुल संख्या का दस प्रतिशत होना चाहिए जो कि अभी राज्यसभा में 250 सांसद हैं।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मानें तो पार्टी राजस्थान में कम विधायक होने के कारण वहां की सीट नही जीत सकती लेकिन तेलंगाना विधानसभा चुनाव में जीत की वजह से एक सीट की उम्मीद पार्टी लगा रही है, ये चर्चा तब चलनी शुरू हुई जब केशव राव ने BRS से इस्तीफ़ा देकर कांग्रेस जॉइन किया और राज्यसभा से भी इस्तीफ़ा दे दिया। चर्चा है की पार्टी केशव राव को राज्यसभा भेज सकती है जिसके बाद सदन में कांग्रेस की संख्या 28 हो जाएगी।
