Delhi Assembly Election 2025 : चुनाव आयोग ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ यूपी की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव की भी घोषणा की। मिल्कीपुर सीट पर बीते नवंबर में ही अन्य नौ सीटों के साथ उपचुनाव होना था लेकिन निर्वाचन को लेकर अदालत में याचिकाएं दायर होने की वजह से यहां उपचुनाव नहीं हो सका था। हालांकि हाल ही में यह बाधा समाप्त होने के बाद मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया। अब इस सीट पर पांच फरवरी को उपचुनाव होंगे और नतीजे 8 फरवरी को आएंगे। अयोध्या संसदीय क्षेत्र की मिल्कीपुर सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच है। उपचुनाव सपा के साथ मिलकर लड़ने वाली कांग्रेस ने कहा कि वह इस सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी। वह सपा को अपना समर्थन देगी। एक तरह से कांग्रेस ने सपा के साथ एकजुटता दिखाई है लेकिन गठबंधन की यह एकजुटता दिल्ली में नहीं दिखी है।
दिल्ली में आप का समर्थन करेगी सपा।
अखिलेश ने अपनी घोषणा से किया हैरान
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) का समर्थन करने की घोषणा की है। दिल्ली में वह कांग्रेस को अपना समर्थन नहीं देगी। अखिलेश यादव की यह घोषणा हैरान करने वाली है। राजनीतिक गलियारे में माना जा रहा था कि सपा दिल्ली में कांग्रेस का समर्थन करेगी। अब इंडिया गठबंधन के भविष्य पर भी सवाल उठने लगे हैं। अखिलेश का यह कदम इस बात की तरफ इशारा करता है कि क्षेत्रीय दल कांग्रेस की अगुवाई में आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
दिल्ली चुनाव नहीं लड़ेगी सपा
दिल्ली चुनाव के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन नहीं हो पाया। इसके बाद दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी और कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साथ थे। समाजवादी पार्टी भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। इसके बाद भी सपा अध्यक्ष ने कांग्रेस को समर्थन देने की जगह आप का साथ दिया। अखिलेश ने कहा है कि उनकी पार्टी दिल्ली चुनाव नहीं लड़ेगी। वहीं अखिलेश का समर्थन मिलने पर केजरीवाल ने सपा अध्यक्ष आभार जताया। केजरीवल ने X अखिलेश को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस समर्थन के लिए वह और दिल्ली की जनता उनका आभार प्रकट करते हैं।
टीएमसी भी केजरीवाल के साथ
तृणमूल कांग्रेस भी दिल्ली में केजरीवाल का समर्थन करेगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दिल्ली में फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार आएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा का पूरी तरह से सफाया हो जाएगा। खास बात यह है कि अखिलेश यादव ने जिस तरह खुले तौर पर कांगेस का समर्थन करने से मना किया है, उससे आने वाले दिनों में राजनीति सरगर्मी और बढ़ सकती है। इंडिया गठबंधन की रार और उसकी आंच दिल्ली चुनाव में भी देखने को मिलेगी
