कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की राज्य इकाई विजय को समर्थन देने के पक्ष में है और मानती है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में यह कदम रणनीतिक रूप से अहम हो सकता है। मतगणना के दौरान ही विजय के पिता एस. ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस के लिए बड़ा बयान दिया था। इसके बाद राहुल गांधी ने भी विजय से फोन पर बातचीत कर उन्हें तमिलनाडु में शानदार जीत की बधाई दी, जिससे संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
TVK प्रमुख विजय
पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि अगर कांग्रेस TVK को समर्थन नहीं देती है, तो विजय के पास AIADMK से समर्थन लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। ऐसे में AIADMK के जरिए BJP को परोक्ष रूप से सत्ता में प्रभाव बढ़ाने का मौका मिल सकता है, जो कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है।
'...जो कांग्रेस के लिए भी फायदेमंद हो सकता है'
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि TVK की धर्मनिरपेक्ष छवि और विजय की लोकप्रियता को देखते हुए समर्थन दिया जाना चाहिए। खासकर महिलाओं और युवाओं के बीच विजय को व्यापक समर्थन मिला है, जो कांग्रेस के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।हालांकि, इस पूरे मुद्दे पर अंतिम फैसला दिल्ली में पार्टी नेतृत्व ही करेगा। इसी सिलसिले में तमिलनाडु के वरिष्ठ नेता और राज्य प्रभारी दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां वे राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक कर पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे।
DMK के साथ 22 साल पुराने गठबंधन को तोड़ने के क्या राजनीतिक मायने होंगे?
बैठक में यह भी अहम मुद्दा रहेगा कि DMK के साथ 22 साल पुराने गठबंधन को तोड़ने के क्या राजनीतिक मायने होंगे और इसका INDIA गठबंधन पर क्या असर पड़ेगा। इसके अलावा, यह भी तय किया जाएगा कि कांग्रेस TVK को बाहर से समर्थन देगी या सरकार में शामिल होगी।
इस बीच, विजय के पिता एस. ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस को TVK के साथ गठबंधन का खुला न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐतिहासिक पार्टी रही है, लेकिन लगातार दूसरों को समर्थन देने की वजह से उसकी ताकत कमजोर हुई है।
उनका मानना है कि अब समय आ गया है की कांग्रेस को अपनी खोई हुई ताकत मिले तमिलनाडु के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रभारी नेतृत्व से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं, TVK के साथ संभावित गठबंधन को लेकर आज और कल अहम बैठकों का दौर जारी रहेगा। राज्य प्रभारी गिरीश चोडणकर दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर स्थिति पर चर्चा करेंगे।
