Bihar Politics: नीतीश कुमार के रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने उनकी तुलना गिरगिट से की और कहा कि राज्य के लोग इस विश्वासघात के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। बता दें, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल राजेन्द्र वी आर्लेकर को रविवार सुबह अपना इस्तीफा सौंप दिया। वह राज्य में महागठबंधन से अलग हो गए। कुमार के इस कदम से इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) को भी बड़ा झटका लगा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह महागठबंधन छोड़ने के कुमार के फैसले के बारे में पहले से जानते थे लेकिन उन्होंने इंडिया को बरकरार रखने के लिए कुछ नहीं कहा। खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, देश में 'आया राम-गया राम' जैसे कई लोग हैं। पहले वे और हम मिलकर लड़ रहे थे। जब मैंने लालू प्रसाद जी और तेजस्वी यादव से बात की तो उन्होंने भी कहा कि नीतीश जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि नीतीश कुमार रुकना चाहते तो वह रुक सकते थे लेकिन वह जाना ही चाहते थे।
पहले से ही हमें इसकी जानकारी
खरगे ने कहा, इसलिए ये बात हमें पहले से ही पता थी, लेकिन इंडिया गठबंधन को बरकरार रखने के लिए हमने कुछ नहीं कहा। अगर हम कुछ गलत कहते तो बाहर गलत संदेश जाता। इसकी जानकारी हमें लालू प्रसाद यादव जी और तेजस्वी यादव जी ने पहले ही दे दी थी। आज यह सच हो गया। बता दें, बार-बार पार्टी बदलने के संदर्भ में आया राम गया राम जुमले का 1990 के दशक में राजनीति में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया था।
भारत जोड़ो न्याय यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नीतीश कुमार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह साफ है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा से ध्यान भटकाने के लिए यह राजनीतिक नाटक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जल्द ही बिहार में प्रवेश करने वाली राहुल गांधी की यात्रा से घबराए हुए हैं। रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, बार-बार राजनीतिक साझेदार बदलने वाले नीतीश कुमार रंग बदलने में गिरगिटों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता विश्वासघात विशेषज्ञ और उन्हें इशारों पर नचाने वालों को माफ नहीं करेगी। रमेश ने कहा, बिलकुल साफ है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा से प्रधानमंत्री और भाजपा घबराए हुए हैं और उससे ध्यान हटाने के लिए यह राजनीतिक नाटक रचा गया है।
